
लालू यादव हत्याकांड का शूटर शिवम गिरफ्तार
Lalu yadav Murder Case: बिहार की राजधानी पटना के रानी तलाब थाना क्षेत्र में साल 2023 में हुए बहुचर्चित बालू व्यवसायी देवराज कुमार उर्फ लालू यादव हत्याकांड का मुख्य शूटर शिवम कुमार गिरफ्तार कर लिया गया है। कुख्यात रंजीत चौधरी गिरोह के इस सबसे भरोसेमंद और शातिर शूटर को एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर गयाजी के बोधगया से दबोचा है । वह पिछले तीन सालों से अपनी पहचान और ठिकाने बदल-बदल कर फरारी काट रहा था।
गिरफ्तार शूटर शिवम कुमार मूल रूप से भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र के चीहोस गांव का रहने वाला है। अपराध की दुनिया में उसे गोली चलाने में माहिर और अचूक निशानेबाज माना जाता है। वह इलाके के सबसे दुर्दांत अपराधी रंजीत चौधरी के गिरोह का मुख्य शूटर और उसका राइट हैंड है। साल 2023 में बालू कारोबारी देवराज की हत्या की साजिश को अंजाम देने की मुख्य जिम्मेदारी रंजीत चौधरी ने शिवम को ही सौंपी थी। इस वारदात के बाद से ही पटना पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में खाक छान रही थीं।
वारदात को अंजाम देने के बाद शिवम कुमार बिहार से पूरी तरह अंडरग्राउंड हो गया था। जिला पुलिस से बचने के लिए उसने अंतरराज्यीय नेटवर्क का सहारा लिया और कभी झारखंड के कोयलांचल क्षेत्रों में तो कभी पश्चिम बंगाल के दूर-दराज के इलाकों में शरण ली। पुलिस को भटकाने के लिए वह कुछ ही दिनों में अपने मोबाइल सिम और ठिकाने बदल देता था।
जब स्थानीय पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही, तो केस की कमान एसटीएफ को दी गई। काफी महीने बीत जाने के बाद शिवम को लगा कि अब पुलिस ठंडी पड़ चुकी है और मामला पुराना हो चुका है, जिसके बाद वह गया के बोधगया इलाके में आकर छिप गया। लेकिन तकनीकी अनुसंधान के जरिए एसटीएफ लगातार उसका पीछा कर रही थी और मौका मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
यह वारदात 6 नवंबर 2023 को रानी तलाब थाना क्षेत्र के कनपा पुल के पास हुई थी। पालीगंज के बेरर टोला निवासी बालू कारोबारी देवराज कुमार उर्फ लालू यादव एक पार्टी से अपनी फॉर्च्यूनर कार से घर लौट रहे थे। अपराधियों को उनके पल-पल की मूवमेंट की खबर थी। कनपा पुल के पास जैसे ही देवराज शौच के लिए गाड़ी रुकवाकर नीचे उतरे, पहले से घात लगाए बैठे शिवम कुमार और उसके साथियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी।
शूटरों ने देवराज के सिर और सीने को निशाना बनाते हुए सटाकर 3 गोलियां दागीं। देवराज के साथ उनका सरकारी बॉडीगार्ड भी गाड़ी में मौजूद था, लेकिन अपराधियों ने पलक झपकते ही वारदात को अंजाम दिया और काले रंग की स्कॉर्पियो से फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
शिवम कुमार का लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पटना और भोजपुर के अलग-अलग थानों में हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के चार से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। साल 2021 के मार्च महीने में शिवम ने भोजपुर के नवादा इलाके में एक दूसरे कुख्यात अपराधी दीपू चौधरी को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर सरेआम गोलियों से भून दिया था। इस मर्डर के बाद से ही वह भोजपुर पुलिस के लिए भी मोस्ट वांटेड बना हुआ था।
मुख्य शूटर शिवम कुमार की इस गिरफ्तारी से पुलिस प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है। रानीतलाब थाना कांड संख्या 382/23 (धारा 302, 120बी, 34 और आर्म्स एक्ट) के तहत वांछित इस अपराधी से अब एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम कड़ी पूछताछ कर रही है।
पुलिस अब शिवम को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियार, वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो और रंजीत चौधरी गैंग के अन्य गुर्गों के ठिकानों का पता लगाया जा सके। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद बालू सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े सफेदपोशों और मास्टरमाइंड के चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है।
Updated on:
18 May 2026 05:00 pm
Published on:
18 May 2026 05:00 pm
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