
Bharat Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी प्रकरण को लेकर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बीजेपी नेता एवं पूर्व सांसद नागमणि पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि “नागमणि जैसे लोगों की उम्र 75-80 वर्ष हो गई है, वे बीजेपी में आकर अपनी व्यवस्था बनाने के लिए लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं।”
अशोक चौधरी ने आगे कहा कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की जांच चल रही है कि किसके निर्देश पर एसटीएफ की टीम वहां पहुंची थी और किसके आदेश पर गोली चलाई गई थी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संदर्भ में चर्चा करते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल न्यायिक जांच के आदेश दिए, जो अब शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टिप्पणी की थी कि यदि भरत तिवारी मानसिक रूप से अस्वस्थ थे तो उनका इलाज कराया जाएगा। अशोक चौधरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में उन्हें सीधे तौर पर दोषी कैसे ठहराया जा सकता है। इसके साथ ही अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की तरह सम्राट चौधरी भी कभी जातिवाद की राजनीति नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सम्राट चौधरी को पिछले 25 वर्षों से जानते हैं।
पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नागमणि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह के बयान नागमणि दे रहे हैं, वह बीजेपी में अपनी स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। हालांकि, यह तरीका सफल नहीं होगा।
गौरतलब है कि भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस बीच, मामले में नामजद तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर करते हुए पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। हालांकि, इसके सात दिन बाद राजेश शर्मा को मद्दनिषेध विभाग में पोस्टिंग दे दी गई।