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Bharat Tiwari Encounter: अमित शाह से मुलाकात के बाद चिराग का बड़ा कदम, आज भरत तिवारी के गांव बिलौटी जाएंगे

Bharat Tiwari Encounter: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मिलने बिलौटी और विस्थापित परिवारों से मिलने जवइनियां जाएंगे। इससे पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भरत तिवारी एनकाउंटर और राजगीर मॉब लिंचिंग मामले की निष्पक्ष जांच व पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
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Chirag Paswan

चिराग पासवान (फोटो- आईएएनएस)

Bharat Tiwari Encounter केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज (शुक्रवार) पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मिलने उनके गांव बिलौटी जाएंगे। इस दौरान वह परिजनों से मुलाकात कर घटना से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जानकारी लेंगे। बिलौटी के बाद चिराग पासवान जवइनियां गांव भी जाएंगे, जहां वह विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी प्राप्त करेंगे। जवइनियां के ग्रामीणों का कहना है कि यदि भरत तिवारी ने उनकी समस्याओं को लेकर आवाज नहीं उठाई होती, तो पुनर्वास, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दे कभी सामने नहीं आते। ग्रामीणों का कहना है कि "भरत ने हमारी मांगों के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।"

इससे पहले गुरुवार को चिराग पासवान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को शीघ्र एवं उचित न्याय दिलाने का आग्रह भी किया।

भरत तिवारी एनकाउंटर पर अमित शाह से मिले चिराग

केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर और नालंदा जिले के राजगीर में दो दलित युवकों की कथित मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने गृह मंत्री से दोनों मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने तथा पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाने का आग्रह किया।

गृह मंत्री से मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने कहा कि इन दोनों घटनाओं को लेकर आम लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने, दोषियों की जवाबदेही तय करने और जनता का भरोसा कायम रखने के लिए दोनों मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।

पुलिस के दो बयानों से बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार, 17 जून को हुए एक कथित एनकाउंटर के दौरान भरत भूषण तिवारी गोली लगने से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद भोजपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि पुलिस टीम ने आत्मरक्षा और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए गोली चलाई, जो भरत भूषण तिवारी के पैर में लगी थी।

इससे पहले पुलिस ने भरत तिवारी को मानसिक रूप से बीमार बताया था। पुलिस के इन दोनों बयानों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कई सवाल उठने लगे। वहीं, जवइनियां गांव के लोगों का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेरकर गोली मार दी।