3 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खान सर-रौशन सर विवाद के बाद फिर सुर्खियों में मुसल्लहपुर हाट, 15 जुलाई को राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा

खान सर-रौशन सर विवाद के बाद चर्चा में आए पटना के मुसल्लहपुर हाट में 15 जुलाई को राहुल गांधी पदयात्रा करेंगे। इसके बाद वे छात्र सम्मेलन में शामिल होंगे। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
2 min read
Google source verification
KHAN SIR

खान सर (इमेज सोर्स: ANI)

खान सर-रौशन सर विवाद के बाद सुर्खियों में आया पटना का मुसल्लहपुर हाट इलाका एक बार फिर चर्चा में है। इस बार इसकी वजह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रस्तावित पदयात्रा है। जानकारी के मुताबिक, 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत राहुल गांधी 15 जुलाई को मुसल्लहपुर हाट में पदयात्रा करेंगे। इसे लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को एक बैठक भी की। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 15 जुलाई को पटना में छात्रों के साथ एक बड़े सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, उनका यह दौरा पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे बदलकर 15 जुलाई कर दिया गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस इस कार्यक्रम को युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देख रही है। प्रदेश कांग्रेस और पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। छात्र सम्मेलन से पहले राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में पैदल मार्च भी करेंगे।

मुसल्लहपुर हाट से युवाओं को साधेंगे राहुल

पटना का मुसल्लहपुर हाट कोचिंग संस्थानों का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। हाल के दिनों में खान सर और रौशन सर विवाद के कारण यह इलाका लगातार सुर्खियों में रहा है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और कई प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं।

कांग्रेस की रणनीति युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के बीच सीधे संवाद स्थापित करने की है। इसी उद्देश्य से युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ मुसल्लहपुर हाट में पैदल मार्च करेंगे। इसके जरिए पार्टी युवाओं और प्रतियोगी छात्रों तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश करेगी। बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।

छात्र सम्मेलन की जोरदार तैयारी

पार्टी नेताओं का कहना है कि 15 जुलाई को होने वाले छात्र सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।