
Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, भरत के शरीर में एक या दो नहीं बल्कि कुल पांच गोलियां लगी थीं। गोलियों के घुसने और निकलने के निशान उनकी जाँघों से लेकर पैरों के पिछले हिस्से तक पाए गए।
न्यूज़ एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि पहली गोली भरत भूषण तिवारी की बाईं जांघ के ऊपरी अगले हिस्से में लगी, जबकि दूसरी गोली बाईं जांघ के अंदरूनी मध्य भाग को भेदते हुए उनके शरीर के अंदर ही फंस गई। इसके बाद, तीसरी गोली उनकी दाईं जांघ के अंदरूनी मध्य भाग में लगी और चौथी गोली उनकी दाईं जांघ के बाहरी हिस्से के अंदरूनी क्षेत्र में लगी। इन सबमें सबसे संदेहास्पद और चौंकाने वाली पांचवीं गोली रही, जो भरत भूषण की बाईं टांग के पिछले मध्य हिस्से यानी पैर के पीछे की तरफ लगी थी, इस बात ने आमने-सामने की मुठभेड़ की थ्योरी पर शक पैदा कर दिया है और पूरी घटना को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है।
भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून को हुआ था। उस दिन सुबह 6 बजे एसटीएफ और पुलिस टीम चौथी बार भरत भूषण तिवारी के घर पहुंची थी और भरत ने छत से 2 राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद सुबह 8:30 बजे भरत ने बिलौटी गांव में पुलिस की गाड़ियों का वीडियो बनाया और 8:40 बजे एक लाइव वीडियो में अपनी मांगें रखते हुए पिस्तौल पुलिस के सामने नीचे फेंक दी। लेकिन ठीक 5 मिनट बाद, सुबह 8:45 बजे पुलिस ने कथित जवाबी कार्रवाई में भरत के पैरों में ताबड़तोड़ गोलियां मार दीं। सुबह 10 बजे पुलिस उसे शाहपुर अस्पताल ले गई, जहां से गंभीर हालत में उसे पटना रेफर किया गया और वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू हो गई है और जल्द ही पीड़ित परिवार और गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके लिए, न्यायिक जांच आयोग को अगले दो दिनों में आरा में एक आधिकारिक कार्यालय आवंटित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कार्यालय आवंटन से जुड़ी सभी ज़रूरी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। कार्यालय के काम करने लायक होते ही गवाहों के बयान दर्ज करने का काम तेज़ी से आगे बढ़ेगा। साथ ही, एक खास फ़ोन नंबर भी जारी किया जाएगा ताकि आम लोग और गवाह सीधे आयोग को जानकारी या सबूत दे सकें।