
Bihar Flood: बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन और सोन समेत कई प्रमुख नदियों में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, फिर भी निचले इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। राज्य के 14 जिलों में लगभग 36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राजधानी पटना के दियारा और निचले इलाकों में कई फीट तक पानी जमा होने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेकर दिन-रात काटने को मजबूर हैं।
पटना के नदी किनारे और निचले इलाकों के गांवों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक घुस गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घर का सामान पानी में डूब गया है, जिससे परिवारों को छतों पर तिरपाल लगाकर रहना पड़ रहा है। अपनी मुश्किल बताते हुए एक प्रभावित महिला ने कहा कि बाढ़ का पानी इतना बढ़ गया कि घर के अंदर पलंग के नीचे तक पानी पहुंच गया, इसलिए परिवार प्लास्टिक की शीट लगाकर छत पर रह रहा है।
महिला ने बताया कि वे चूड़ा और सत्तू खाकर गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर में चार बच्चे हैं, जिनमें से एक बीमार है और उसे दवा की जरूरत है। लेकिन गांव में न तो डॉक्टर हैं और न ही कोई मेडिकल सुविधा, इसलिए लोगों को दवा लेने के लिए दीघा बाजार जाना पड़ता है। पानी भरा होने के बावजूद, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य बाजार तक पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पानी का स्तर स्थिर होने या थोड़ा कम होने के बावजूद, उन्हें प्रशासन से पर्याप्त मदद नहीं मिली है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इस इलाके के लिए न तो सरकारी नावें और न ही परिवहन की कोई अन्य सुविधा दी गई है। लोग लकड़ी और बांस से बने जुगाड़ू बेड़ों का इस्तेमाल करके जरूरी सामान लाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी खड़ी फसलें पूरी तरह डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
पानी के स्तर में थोड़ी कमी के बावजूद, नदियां उफान पर हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 171 सेमी ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं, पटना के श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से करीब 295 सेमी ऊपर बह रही है। इसके अलावा, मुंगेर और भागलपुर में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है।
बाढ़ की स्थिति पर बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के साथ लगातार बातचीत हो रही है और केंद्र भी इस मामले में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है। मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार हर आपदा पीड़ित तक पहुंच रही है और जरूरतमंदों को पर्याप्त राहत और सहायता सामग्री उपलब्ध करा रही है।