
Rahul Gandhi Bihar Flood: पटना में बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राज्य में बाढ़ से बड़े पैमाने पर हुई तबाही को लेकर चिंता जताई और BJP नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी राज्य सरकार पर बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि बिहार में एक बार फिर बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उनके मुताबिक, लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और सैकड़ों गांव जलमग्न हैं। उन्होंने बाढ़ में लोगों की मौत और कुछ लोगों के लापता होने की खबरों पर दुख जताया। राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है। हर साल बाढ़ आती है, लोगों की जान जाती है, परिवार प्रभावित होते हैं और कई लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उन्होंने BJP की ‘डबल इंजन सरकार’ पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पिछले 17 वर्षों में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को हर साल केवल राहत और आश्वासन नहीं, बल्कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान चाहिए।
तेजस्वी यादव ने भी बिहार की बाढ़ को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भारी बारिश के कारण कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। तेजस्वी ने सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और अपराध को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है और आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव ने भी बिहार में बाढ़ राहत कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह तीन दिनों से छपरा में हैं और कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी सुविधाओं की कमी देखने को मिली। पप्पू यादव ने दावा किया कि कुछ इलाकों में जनरेटर, पॉलिथीन शीट, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधाएं और हैंडपंप जैसी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद कई हैंडपंप, बाथरूम सुविधाएं और जनरेटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की।
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार से बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की राहत राशि देने की मांग की। उन्होंने सिंचाई से जुड़े काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने सरकार से श्रीराम कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने और सिंचाई मंत्री से जुड़े ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। साथ ही उन्होंने सिंचाई मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।
इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग को बाढ़ प्रभावित और सड़क संपर्क से कटे इलाकों में राहत सामग्री समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय कर सरन जिले के प्रभावित इलाकों में विशेष एयरड्रॉपिंग अभियान चलाया। जलभराव और बाढ़ के कारण जहां सड़क से पहुंचना मुश्किल था, वहां हेलीकॉप्टरों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 15 उड़ानों के जरिए सरन में 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री गिराई। इसमें 5,600 से ज्यादा सूखा राशन पैकेट शामिल थे। आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सड़क मार्ग के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।