पटना

बिहार में 1 अप्रैल से बड़े बदलाव: सस्ती- महंगी बिजली, कचरा नियम सख्त, प्रॉपर्टी और रोजमर्रा खर्च पर पड़ेगा असर

बिहार में 1 अप्रैल 2026 से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हुए हैं। सबसे बड़ा बदलाव बिजली व्यवस्था में हुआ है। इसके साथ ही पटना नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियम सख्त कर दिए हैं।

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Apr 01, 2026

बिहार में आज, 1 अप्रैल 2026 से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर आपकी जेब, बिजली बिल, टैक्स फाइलिंग, यात्रा और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। राज्य में अब दिन के समय बिजली सस्ती और रात में महंगी होगी। वहीं, पटना नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत अब घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सरकार ने डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत किया है तथा रेलवे टिकट के नियमों में भी पारदर्शिता लाने के लिए बदलाव किए गए हैं।

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दिन में सस्ती और रात में महंगी होगी बिजली

बिहार में आज से बिजली को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब बिजली बिल का स्लैब समय के आधार पर तय किया जाएगा। नए नियम के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपभोक्ताओं को करीब 20% सस्ती बिजली मिलेगी। वहीं, पीक आवर यानी शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली महंगी होगी। इसके बाद रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर पर बिजली उपलब्ध रहेगी। बिजली विभाग ने फिलहाल यह व्यवस्था 10 किलोवाट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर लागू की है।

कचरा उठाने का बदला नियम

पटना नगर निगम ने आज से कचरा प्रबंधन को लेकर अपने नियम सख्त कर दिए हैं। अब घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो नगर निगम के कर्मचारी कचरा उठाने से इनकार कर सकते हैं। इसके साथ ही शिकायत दर्ज होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

हरा: गीला कचरा
नीला: सूखा कचरा
लाल: सैनिटरी वेस्ट
काला: विशेष या खतरनाक कचरा

जमीन और फ्लैट खरीदना हुआ महंगा?

बिहार में नए वित्तीय वर्ष के साथ जमीन और फ्लैट के सर्किल रेट (एमवीआर) में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। कई इलाकों में यह वृद्धि तीन से चार गुना तक हो सकती है, जिससे संपत्ति की खरीद-बिक्री महंगी पड़ सकती है।

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Updated on:
01 Apr 2026 09:01 am
Published on:
01 Apr 2026 08:57 am
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