पटना

Bihar News: बिहार कैडर के IAS संजीव हंस पर एक्शन, 1 करोड़ रिश्वत का है मामला, केस दर्ज

सीबीआई ने आईएएस अधिकारी संजीव हंस पर 1 करोड़ रिश्वत लेने का केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने एनसीडीआरसी में बिल्डर के पक्ष में फैसला प्रभावित किया। मामले में अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं, जबकि हंस ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

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Mar 24, 2026
IAS Officer Sanjeev Hans

Bihar News: बिहार से जरुरी जानकारी सामने आई है। बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निजी सचिव रह चुके संजीव हंस एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह काफी गंभीर है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया है। सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक यह पूरा मामला साल 2019 का है, जब एक बिल्डर से जुड़े विवाद को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। आरोप है कि इस केस में बिल्डर के पक्ष में फैसला करवाने के लिए रिश्वत का खेल रचा गया।

Bihar News: संजीव हंस अकेले नहीं


जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले में संजीव हंस अकेले नहीं थे। उनके साथ विपुल बंसल, अनुभव अग्रवाल और उनकी कंपनी ‘ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स’ का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि विपुल बंसल ने ही संजीव हंस और बिल्डर अनुभव अग्रवाल के बीच मुलाकात करवाई थी।

एक करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव


इसी मुलाकात के दौरान कथित तौर पर अग्रवाल ने एक करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा, ताकि एनसीडीआरसी में उसके पक्ष में आदेश दिलवाया जा सके। उस समय संजीव हंस उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में मंत्री रामविलास पासवान के निजी सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। सीबीआई का आरोप है कि हंस ने अपने पद का फायदा उठाते हुए न केवल मामलों की सुनवाई की तारीखें प्रभावित कराईं, बल्कि बिल्डर से जुड़े एक प्रमोटर की गिरफ्तारी टालने में भी मदद की। इसके बदले रिश्वत की रकम किस्तों में उनके करीबी लोगों के जरिए पहुंचाई गई।

हालांकि, इस पूरे मामले में संजीव हंस की तरफ से सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। उनके वकील चंगेज खान ने बयान जारी कर कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। फिलहाल, मामला जांच के दायरे में है और आने वाले समय में इससे जुड़े कई और खुलासे हो सकते हैं। सीबीआई की कार्रवाई ने इस पूरे प्रकरण को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है, और अब सभी की नजरें आगे की जांच पर टिकी हैं।

Updated on:
24 Mar 2026 02:40 am
Published on:
24 Mar 2026 02:39 am
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