Bihar Politics: नीतीश कुमार के राज्य सभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी और जदयू के पार्टी दफ्तरों में इस मुद्दे पर कई नामों को लेकर चर्चा चल रहा है।
Bihar Politics नीतीश कुमार के राज्य सभा चुनाव जीतने के बाद बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी महीने बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की भी संभावना जताई जा रही है। इससे पहले ही एनडीए के भीतर नीतीश के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन शुरू हो गया है। राज्य की सियासत में अब सबकी निगाहें बीजेपी और जद(यू) पर टिकी हुई हैं।
नीतीश कुमार के बाद बीजेपी बिहार में अपना मुख्यमंत्री बना सकती है। इसे लेकर पार्टी के अंदर कई नामों पर मंथन चल रहा है, लेकिन रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी हैं। बीजेपी में उनके समर्थकों का ऐसा दावा है। वे कहते हैं कि सम्राट चौधरी फिलहाल नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम हैं और उनके पास गृह विभाग जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी है। इससे पहले वे वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। राजनीतिक तौर पर वे ‘लव-कुश’ समीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं और खुद कुशवाहा समुदाय से आते हैं। ऐसे में बीजेपी उनके चेहरे पर दांव लगाकर इस सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश कर सकती है।
इधर, नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान जहां भी जा रहे हैं, मंच से सम्राट चौधरी को प्रमुखता देते हुए उनके कंधे पर हाथ रखकर उनका अभिवादन करवा रहे हैं। इसके बाद से यह चर्चा और तेज हो गई है कि नीतीश कुमार के बाद सम्राट चौधरी ही मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हो सकते हैं।
सम्राट चौधरी के अलावा बिहार बीजेपी में मुख्यमंत्री पद के लिए कई अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें नित्यानंद राय (केंद्रीय गृह राज्य मंत्री) प्रमुख माने जा रहे हैं। इसके अलावा विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम), दिलीप जायसवाल (मंत्री), नीतीश मिश्रा (पूर्व मंत्री) और संजीव चौरसिया (विधायक) के नामों की भी चर्चा हो रही है। सम्राट चौधरी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा नित्यानंद राय को लेकर है। वे यादव समुदाय से आते हैं, जिसकी आबादी बिहार में काफी अधिक मानी जाती है। इसके साथ ही, उनके पास सरकार और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है और वे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
हालांकि, इन सभी नामों के बीच यह भी चर्चा तेज है कि बीजेपी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और दिल्ली की तर्ज पर किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका सकती है।
इधर, नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने के बाद उनके बेटे निशांत ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। नीतीश के राज्य सभा नामांकन के महज तीन दिनों के भीतर ही निशांत ने औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रख दिया। पार्टी के अंदर उन्हें नीतीश कुमार का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। निशांत जहां-जहां जा रहे हैं, वहां जेडीयू कार्यकर्ता जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं— “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।”
हालांकि, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इस सवाल पर कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एनडीए का शीर्ष नेतृत्व मिलकर करेगा। वहीं, पार्टी और सरकार में निशांत की भूमिका क्या होगी, इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इधर, सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अगर बिहार की नई सरकार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनता है, तो निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।