पटना

Bihar Politics: ‘खून का रिश्ता नहीं टूटता’ पशुपति पारस का चिराग पासवान को लेकर बड़ा बयान, क्या साथ आएंगे चाचा-भतीजा?

Bihar Politics: पशुपति पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान के साथ अपने रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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Mar 25, 2026
Chirag Paswan
चिराग पासवान (फोटो - IANS)

Bihar Politics लोजपा (आर) प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस( Pashupati Paras)के रिश्ते को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। दोनों की हालिया मुलाकात के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति पारस के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं। इस पर पशुपति पारस ने उन्हें खुश रहने का आशीर्वाद दिया। वीडियो सामने आने के बाद से ही दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं, इस पूरे मामले पर पशुपति पारस ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।

सियासत अलग, रिश्ता कायम

पशुपति पारस ने मंगलवार (24 मार्च, 2026) को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “यह चाचा-भतीजा और परिवार का रिश्ता है। राजनीतिक रिश्ते अलग होते हैं। राजनीतिक संबंध खत्म हो सकते हैं, लेकिन चाचा-भतीजा का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता। हमारे बीच खून का रिश्ता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम लोग मिथिलांचल के रहने वाले हैं, जहां बड़ों के पैर छूने की परंपरा है।” चिराग पासवान के पैर छूने से जुड़े सवाल पर उन्होंने यह बात कही।

क्या भविष्य में चाचा (पशुपति पारस) और चिराग पासवान (भतीजा) एक साथ नजर आ सकते हैं, तो पारस ने कहा, “भविष्य में क्या होगा, यह किसी ने नहीं देखा है।”चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद देने के सवाल पर उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का फैसला बिहार की जनता करती है। अंततः निर्वाचित विधायक ही नेता का चयन करते हैं और वही मुख्यमंत्री बनता है।”

क्या फिर साथ आएंगे?

खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शहरबन्नी में हुई इस मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पशुपति पारस और चिराग पासवान एक बार फिर एक ही राजनीतिक दल के बैनर तले साथ दिखाई देंगे? क्या प्रिंस राज और चिराग पासवान के बीच की दूरियां अब पूरी तरह से मिट गई हैं? अब इन सवालों के जवाब अब या तो चिराग पासवान दे सकते हैं या फिर पशुपति पारस। अब आगे जो भी बिहार की राजनीति में दोनों के साथ आने की चर्चा तो शुरू हो गई है। चिराग पासवान और पशुपति पारस के रिश्ते पिछले कई वर्षों से खराब रहे हैं। दोनों के बीच विवाद के कारण रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा में टूट हो गई थी और इसके बाद दोनों ने अपने-अपने रास्ते अलग कर लिए। उन्होंने अलग-अलग दल भी बना लिए। हालांकि, मंगलवार को दोनों के बीच हुई मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे फिर से एक साथ आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो इसे बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा।

Updated on:
25 Mar 2026 04:45 pm
Published on:
25 Mar 2026 04:43 pm