पटना

बिहार में ट्रैफिक पुलिस की पोस्टिंग के नियम बदले; सिपाही से इंस्पेक्टर तक के लिए उम्र सीमा तय, गृह जिले में तैनाती पर रोक

Bihar traffic police new rules: बिहार सरकार ने ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को ज़्यादा असरदार बनाने के लिए ट्रैफिक थानों में पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर एक नई पॉलिसी जारी की है। इन नए नियम के तहत विभिन्न पदों के लिए अधिकतम उम्र सीमा तय की गई है। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को अब उनके गृह जिलों में तैनात नहीं किया जाएगा।

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Jun 08, 2026
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Bihar traffic police new rules:बिहार सरकार ने राज्य के ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला है। सरकार ने ट्रैफिक थानों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के लिए नए नियम तय किए हैं। इस नई पॉलिसी के तहत कॉन्स्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के लिए उम्र सीमा और पोस्टिंग की अवधि को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। नई नीति के अनुसार, 35 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी कॉन्स्टेबल या ड्राइवर-कॉन्स्टेबल ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों में पोस्टिंग के लिए योग्य नहीं होगा।

रैंक के हिसाब से अधिकतम उम्र सीमा तय

यातायात व्यवस्था को असरदार बनाने के लिए बिहार सरकार ने सभी रैंक के पुलिसकर्मियों के लिए अलग-अलग अधिकतम उम्र सीमा तय की है। नई पॉलिसी के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों में तैनाती के लिए पुलिस इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की अधिकतम उम्र 50 साल तय की गई है। वहीं, सब-इंस्पेक्टर (SI) के लिए यह सीमा 40 साल और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) व हवलदार के लिए 55 साल है। सड़कों पर युवा फ़ोर्स तैनात करने के मकसद से कॉन्स्टेबल और ड्राइवर-कॉन्स्टेबल के लिए यह सीमा सबसे कम यानी 35 साल रखी गई है।

पोस्टिंग से पहले चेक होगा सर्विस रिकॉर्ड

नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों में मनमानी पोस्टिंग नहीं होगी। पुलिस कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जाएगी। नई पोस्टिंग से पहले संबंधित कर्मचारी के पिछले तीन साल के पूरे रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। सिर्फ साफ और बेदाग सर्विस रिकॉर्ड वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को ही ट्रैफिक पुलिस स्टेशनों में तैनात किया जाएगा। भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के आरोपों का सामना कर रहे कर्मचारियों को वहां पोस्ट नहीं किया जाएगा। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में योग्य उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के लिए तीन डीएसपी की एक विशेष समिति बनाई जाएगी।

गृह जिले में नहीं मिलेगी पोस्टिंग

नए प्रावधानों के अनुसार, ट्रैफिक थानों में तैनात कॉन्स्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक का कार्यकाल तीन साल तय किया गया है। किसी भी जिले में पोस्टिंग तीन साल के कार्यकाल से ज़्यादा नहीं होगी, यह अवधि पूरी होने पर ट्रांसफर जरूरी हो जाएगा। साथ ही पारदर्शिता को बढ़ावा देने और स्थानीय मिलीभगत को रोकने के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि किसी भी ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी को उसके गृह जिले में पोस्ट नहीं किया जाएगा।

बिहार सरकार की नई नीति में महिला सशक्तिकरण पर खास जोर दिया गया है। नए नियमों के तहत यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि राज्य की ट्रैफिक पुलिस फोर्स में कम से कम एक-तिहाई यानि 33 प्रतिशत महिलाएं हों।

नए ट्रैफिक थाने बनाने की योजना

बिहार में तेजी से हो रहे शहरीकरण और गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ट्रैफिक पुलिस नेटवर्क का विस्तार करना चाहती है। 28 नए ट्रैफिक पुलिस स्टेशन और 4,215 अतिरिक्त पद सृजित करने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। नई नीति के तहत खाली पदों में से कम से कम 70 प्रतिशत पद योग्य उम्मीदवारों की सूची से तुरंत भरे जाएंगे, जबकि खाली पदों के 15 प्रतिशत के बराबर एक वेटिंग लिस्ट भी तैयार की जाएगी जो एक साल तक मान्य रहेगी।

Updated on:
08 Jun 2026 02:50 pm
Published on:
08 Jun 2026 02:45 pm