मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों में पहली बार ईद की नमाज के लिए पटना के गांधी मैदान नहीं पहुंचे। 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे हर वर्ष यहां नमाज में शामिल होते रहे हैं
पटना समेत पूरे बिहार में आज हल्की बारिश के बीच ईद मनाई जा रही है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में बारिश के बावजूद नमाज अदा की गई, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब 20 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। हालांकि, पिछले 20 वर्षों में यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान में ईद की नमाज के दौरान मौजूद नहीं रहे। इसे लेकर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि वह पिछले 20 सालों से बिहार के लोगों को “टोपी पहना” रहे हैं, अब और कितना पहनाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों में पहली बार ईद की नमाज के लिए पटना के गांधी मैदान नहीं पहुंचे। 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे हर वर्ष यहां नमाज में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार वे अनुपस्थित रहे। उनकी जगह पहली बार उनके बेटे निशांत कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी। निशांत कुमार के साथ अशोक चौधरी समेत जदयू के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। मंच पर मुस्लिम नेताओं ने उन्हें गमछा ओढ़ाकर स्वागत किया।
पटना के गांधी मैदान में ईद की नमाज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नहीं पहुंचने पर कांग्रेस नेता और पार्टी प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से वे लोगों को “टोपी पहना” रहे हैं, अब और कितना पहनाते, इसलिए इस बार नहीं गए। उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि नीतीश कुमार किस तरह के नेता हैं।
ईद के मौके पर शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फुलवारी शरीफ स्थित प्रसिद्ध खानकाह मुजीबिया पहुंचे। यहां उन्होंने खानकाह के सज्जादा नशीं हजरत मौलाना सैयद शाह आयतुल्लाह कादरी से मुलाकात कर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। खानकाह पहुंचने पर मुख्यमंत्री का टोपी और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद वे सज्जादा नशीं के हुजरे में पहुंचे और करीब 10 मिनट तक उनसे बातचीत की। इस दौरान वहां मौजूद लोगों का उन्होंने अभिवादन स्वीकार किया और हाथ हिलाकर ईद की बधाई दी। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े होकर उनका इंतजार करते नजर आए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईद के मौके पर प्रदेश और देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस मुबारक दिन पर खुदा हम सभी पर अपनी रहमत बरसाएं और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि आए।