पटना

बेल पर ब्रेक: टूटी हड्डी, दिमाग में चोटें… सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की आरोपी की जमानत , हाईकोर्ट की कार्यशैली पर उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता की मां ने पटना हाईकोर्ट के 16 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मुख्य आरोपी, यानी उनकी बेटी के पति को जमानत दे दी गई थी।

2 min read
Mar 28, 2026
सुप्रीम कोर्ट (ANI)

बिहार के एक दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने आरोपी पति को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का कड़ा निर्देश भी दिया है। पटना हाईकोर्ट ने शादी के महज 18 महीने के भीतर पत्नी की हत्या के आरोपी पति को जमानत दे दी थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में अदालतों को अधिक सतर्कता और सख्ती के साथ जांच-पड़ताल करनी चाहिए।

ये भी पढ़ें

फर्जी प्रोफाइल बनाकर बिछाता था जाल, सेक्स्टॉर्शन के जरिए लाखों रुपये की करता था वसूली; आरोपी गिरफ्तार

हाईकोर्ट की कार्यशैली पर उठाए सवाल

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने टिप्पणी की कि इस तरह के संगीन अपराधों में बिना गहराई से साक्ष्यों की जांच किए जमानत देना न्यायपालिका के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि आरोपी तय समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो ट्रायल कोर्ट उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करे।

दहेज से जुड़ा मौत का मामला

पीड़ित महिला की मां की ओर से यह अपील दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने यह फैसला सुनाया। पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट में पटना हाईकोर्ट के 16 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मुख्य आरोपी, यानी उनकी बेटी के पति को जमानत दे दी गई थी। यह मामला दहेज से जुड़ी मौत का है, जो 1 सितंबर 2024 को बिहार में दर्ज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया है कि इस मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए और आगामी छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा किया जाए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने झकझोर दिया

बिहार के गोपालपुर थाने में दर्ज एफआईआर में पीड़िता के परिजनों ने उसके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि शादी के महज डेढ़ साल बाद ही महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां लालमुनि देवी ने आरोप लगाया कि शादी में 20 लाख रुपये नकद और करीब 6 लाख रुपये के जेवर दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गंभीर चोटों का खुलासा हुआ, जिसने पूरे मामले को झकझोर कर रख दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसके सिर और छाती की हड्डियां टूटी हुई थीं, दिमाग में गंभीर चोटें थीं और दिल को भी गंभीर क्षति पहुंची थी।

ये भी पढ़ें

Bihar: वक्फ ट्रिब्यूनल पर भड़का पटना हाई कोर्ट, NHAI के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

Published on:
28 Mar 2026 01:19 pm
Also Read
View All

अगली खबर