28 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विकास की बात, अतीत का जिक्र और लालू पर सियासी वार, राज्य सभा जाने से पहले पढ़िए नीतीश ने क्यों की इसकी चर्चा?

राज्य सभा जाने से पहले नीतीश कुमार ने 2005 से 2025 तक अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का ज़िक्र किया, अतीत को याद किया और लालू प्रसाद पर तंज कसा।

2 min read
Google source verification

CM नीतीश कुमार (ANI)

राज्य सभा जाने से पहले मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने अपने सार्वजनिक भाषण में अपने शासन काल में विकास की बात, अतीत का जिक्र और लालू पर सियासी वार किया। उन्होंने कहा, "जब मैंने 24 नवंबर, 2005 को कार्यभार संभाला, तो मेरी पहली चुनौती कानून का राज स्थापित करना था। मुझसे पहले वालों ने कुछ भी नहीं किया था। लोग शाम होते ही अपने दरवाज़े बंद कर लेते थे। जब मैं एक सांसद के तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करता था, तो मैंने यह अपनी आँखों से देखा था। वहाँ सांप्रदायिक तनाव था और बहुत कम बच्चे स्कूल जाते थे।" लालू प्रसाद का सीधे तौर पर नाम लिए बिना, उन्होंने आगे कहा, "जब उन्हें पद छोड़ना पड़ा, तो उन्होंने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया, लेकिन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कुछ भी नहीं किया।"

मेडिकल कॉलेजों की संख्या छह से 11 हुई

नीतीश ने अपने खास सामाजिक हस्तक्षेपों पर प्रकाश डाला, जिनमें साइकिल और स्कूल यूनिफॉर्म योजनाएँ, पाँच लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति, और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में आमूल-चूल सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा, "जब मैंने कार्यभार संभाला, तो एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में महीने में औसतन केवल 39 मरीज़ आते थे। आज, यह संख्या 11,600 है। मैंने सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या छह से बढ़ाकर 11 कर दी है, और जल्द ही, 18 जिलों में उनके अपने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल होंगे। अकेले पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में अब 5,400 बिस्तर हैं — जो देश के किसी भी एक अस्पताल के लिए सबसे अधिक संख्या है।"

जाति-आधारित सर्वे

इसके बाद मुख्यमंत्री बिहार की विकास गाथा के "दूसरे चरण" (Level-II) की ओर बढ़े, और चार कृषि रोडमैप तथा 'सात निश्चय' कार्यक्रमों का ज़िक्र किया। इन पहलों में औद्योगिक सब्सिडी और आवास से लेकर IT क्षेत्र तक सब कुछ शामिल है। उन्होंने कहा, "अब हम उद्योगों को मुफ़्त ज़मीन और सब्सिडी दे रहे हैं। 2018 तक, हर घर में बिजली पहुँच गई थी। अब, हम लगभग मुफ़्त बिजली दे रहे हैं और हर घर को 50% सब्सिडी के साथ सोलर पैनल उपलब्ध करा रहे हैं।" उन्होंने बिहार में हुए जाति-आधारित सर्वे का भी ज़िक्र किया, और बताया कि 94 लाख गरीब परिवारों को छोटे-मोटे बिज़नेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद मिल रही है। "हमने जीविका सदस्यों को 10,000 रुपये दिए हैं, और जिनके पास अच्छे बिज़नेस आइडिया हैं, उन्हें 2 लाख रुपये तक की और मदद देंगे।"

मेरी बात याद रखना, बिहार बहुत आगे जाएगा

उन्होंने 2024-25 और 2025-26 के केंद्रीय बजट में सहयोग के लिए केंद्र सरकार को श्रेय दिया। "हम मोदी जी को नमन करते हैं," उन्होंने कहा, और बताया कि प्रधानमंत्री "कई बार बिहार आकर अलग-अलग विकास योजनाएं शुरू कर चुके हैं।" अपनी बात खत्म करते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री ने भीड़ की तरफ देखा और उनसे कहा "मेरी बात याद रखना, बिहार बहुत आगे जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अपना भाषणा समापन किया।

सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर को ही क्यों चुना

नीतीश कुमार के लोग चाहते हैं कि वे अपना सार्वजनिक भाषण मसौढ़ी में करें, लेकिन उन्होंने अपनी 'समृद्धि यात्रा' का समापन ज्ञान भवन और बापू सभागार में करने का फ़ैसला किया। जो कि सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के ही अहम हिस्से हैं। दरअसल, यह दिन सम्राट अशोक की जयंती के साथ मेल भी खाता था, इसलिए यात्रा के आखिरी चरण की शुरुआत इस प्राचीन शासक को औपचारिक श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके साथ ही उनको जानने वाले लोग कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने कार्यकाल में बने तीन इमारतों सरदार पटेल भवन (बिहार पुलिस मुख्यालय), बिहार संग्रहालय, और सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर से विशेष लगाव भी
है।