सुपौल के सब-रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारी पर 1.10 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का आरोप है, जो उनकी आय से 65% अधिक है।
EOU Raid:बिहार में सरकारी पदों पर बैठकर अवैध कमाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई का शिकंजा और कसता जा रहा है। ताजा मामला सुपौल के जिला अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) अमरेंद्र कुमार से जुड़ा है। आय से अधिक संपत्ति (DA Case) के मामले में बुधवार की सुबह EOU की टीमों ने एक साथ अमरेंद्र कुमार के पटना, सुपौल और सारण स्थित चार ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी को अब तक की छानबीन में अमरेंद्र कुमार की अवैध कमाई के सबूत मिले हैं।
EOU ने 5 मई 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अमरेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी (कांड संख्या-06/26) दर्ज की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि अमरेंद्र कुमार ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 1,10,64,000 रुपये (1.10 करोड़) अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी वैध आय से करीब 65.08 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
पटना की एक विशेष अदालत से तलाशी के लिए वारंट हासिल करने के बाद EOU की अलग-अलग टीमों ने बुधवार सुबह सब-रजिस्ट्रार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। EOU ने सुपौल में सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय परिसर के साथ-साथ उस किराए के मकान पर भी छापा मारा, जहां वह फिलहाल रह रहे थे। इसके अलावा, पटना में आशियाना-दीघा रोड पर स्थित राज अपार्टमेंट के एक फ़्लैट और सारण में उनके पुश्तैनी घर पर भी छापेमारी हुई।
EOU की टीम इन ठिकानों पर जमीन के दस्तावेजों, बैंक पासबुक, निवेश और आभूषणों की जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान फ्लैट और अन्य निवेशों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस काली कमाई का निवेश बेनामी संपत्तियों में भी किया गया है।
सब-रजिस्ट्रार जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई से पूरे निबंधन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। EOU के एडीजी नैय्यर हसनैन खान के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरामदगी का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा।