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विक्रमशिला सेतु गिरने पर खान सर का तंज, बोले-इंजीनियर की पत्नी के हार ने डुबोए बिहार के पुल

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गिरने पर खान सर का रिएक्शन वायरल हो रहा है। खान सर ने तंज कसा कि महंगे केमिकल की चोरी और इंजीनियरों को मिलने वाले गिफ्ट ने बिहार के पुलों की मजबूती को खोखला कर दिया है।

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पटना

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Anand Shekhar

May 06, 2026

khan sir reaction on vikramshila setu

विक्रमशिला सेतु गिरने पर खान सर का रिएक्शन वायरल

बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा रविवार देर रात गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मैच गया है। इसी बीच पटना के चर्चित शिक्षक खान सर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खान सर ने बताया कि कैसे पुल निर्माण के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार की वजह से ये पुल गिरते हैं।

जमीन के नीचे कौन देखने जा रहा है?

खान सर ने अपने वीडियो में पुल गिरने की तकनीकी वजहों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि पुल की मजबूती पाइलिंग पर टिकी होती है, जो जमीन के 10-20 मंजिल नीचे तक की जाती है। खान सर ने तंज कसते हुए कहा, 'घोटाला हमेशा जमीन के नीचे होता है, क्योंकि ऊपर का पिलर तो सबको दिखता है, लेकिन जमीन खोदकर कौन देखने जाएगा कि नीचे सीमेंट भरा गया है या नहीं? बेंटोनाइट जैसा महंगा केमिकल डाला गया है या नहीं?'

उन्होंने आगे कहा कि बिहार के इंजीनियर और ठेकेदार इसी का फायदा उठाते हैं। बेंटोनाइट लिक्विड पिलर को सॉलिड बनाने और लीकेज रोकने के लिए जरूरी होता है, लेकिन मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में इसे अक्सर गायब कर दिया जाता है।

इंजीनियर की पत्नी के गहने और खराब मिट्टी का खेल

भ्रष्टाचार की चेन को समझाते हुए खान सर ने बड़े ही चुटीले अंदाज में कहा कि जब सॉइल टेस्टिंग की रिपोर्ट आती है और मिट्टी कमजोर निकलती है, तो कायदे से पिलर की गहराई बढ़ानी चाहिए। लेकिन ठेकेदार अपनी लागत बचाने के लिए दूसरा रास्ता चुनते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'मिट्टी खराब है तो क्या हुआ? ठेकेदार साहब इंजीनियर की पत्नी के लिए सोने का हार भेज देते हैं। सुबह होते ही फाइल पर रिपोर्ट बदल जाती है और मिट्टी को परफेक्ट बता दिया जाता है। जितने करप्ट अधिकारी होंगे, उनके घर गहने उतने ही ज्यादा मिलेंगे। इन्ही गहनों और हार ने बिहार के पुलों को डुबो दिया है।'

अप्रैल में ही इस पुल से गुजरा था

खान सर ने इस दौरान यह भी बताया कि हाल में ही वो भी इस पुल से गुजरे थे। उन्होंने कहा, 'अभी 4-5 मई है और मैं पिछले महीने यानी अप्रैल में ही विक्रमशिला सेतु से गुजरा था। तब किसे पता था कि यह इतना कमजोर हो चुका है। यह सीधे तौर पर आम जनता की जान से खिलवाड़ है।'

देर रात हुआ हादसा, बाल-बाल बची जानें

गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु का हिसा 3 मई 2026 की रात करीब 11:55 बजे धंसना शुरू हुआ और रात करीब एक बजे तक एक स्लैब गिर गया। चूंकि घटना आधी रात को हुई, इसलिए उस समय पुल पर यातायात कम था, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल, प्रशासन ने पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है और जांच की बात कह रही है।