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भागलपुर में बड़ा हादसा: आधी रात गंगा में समाया विक्रमशिला सेतु का स्लैब, आवाजाही ठप

विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर चार और पांच के बीच का स्लैब गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, पुल के गिरने से NH-80 और NH-31 के बीच का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

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पटना

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Anand Shekhar

May 04, 2026

विक्रमशीला सेतु

टूटने के बाद भागलपुर का विक्रमशीला सेतु

बिहार के भागलपुर जिले में रविवार आधी रात के बाद एक बड़ा हादसा हो गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सीमांचल समेत बिहार के 16 जिलों को भागलपुर से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर चार और पांच के बीच का एक हिस्सा अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर गया। बताया जा रहा है कि यह घटना रात करीब 12:55 बजे हुई। गनीमत रही कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, पुल के गिरने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।

आधी रात को संपर्क टूटा

जानकारी के मुताबिक, प्रशासन को रात करीब 11 बजे एक वाहन चालक ने विक्रमशिला पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में दरार होने की सूचना दी थी। खंभा नंबर चार और पांच के बीच की दरार शाम से ही चौड़ी होती जा रही थी, जो रात 11 बजे के बाद साफ दिखाई देने लगी थी। आखिरकार रात 12:55 बजे पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिससे भागलपुर (NH-80) और नवगछिया (NH-31) के बीच का सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात का समय होने के कारण वहां से गुजरने वाला कोई भी वाहन इस हादसे की चपेट में आ सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

विक्रमशिला सेतु पर यातायात ठप

हादसे की खबर मिलते ही डीएम और एसएसपी पुलिस बल के साथ रात करीब 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर, पुल के दोनों सिरों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सभी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अनुमंडल पदाधिकारी ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाने की अपील की है। प्रशासन ने फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है क्योंकि जरूरी मरम्मत कार्य में काफी समय लगने की उम्मीद है।

आठ साल से नहीं हुई कोई मरम्मत

विक्रमशिला पुल के गिरने के पीछे लंबे समय से चली आ रही लापरवाही को मुख्य कारण बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पिछले आठ सालों से पुल की जरूरी मरम्मत नहीं की गई थी। अभी करीब दो महीने पहले ही पिलरों की सुरक्षा के लिए बनाई गई फॉल्स वॉल्स में दरारें पड़ने की खबरें सामने आई थीं, फिर भी समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। भारी वाहनों के लगातार दबाव और खंभों में पड़ी दरारों की वजह से पुल की मुख्य संरचना कमजोर हो गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि आखिरकार यह बड़ी दुर्घटना हो गई। फिलहाल, ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और तकनीकी जांच चल रही है।

हर दिन गुजरते हैं लाखों लोग

विक्रमशिला सेतु सीमांचल समेत 16 जिलों को भागलपुर से जोड़ता है। हर दिन, लाखों लोग इस पुल से होकर आवागमन करते हैं। छोटी कारों से लेकर भारी ट्रकों तक 50,000 से अधिक वाहन प्रतिदिन इस पुल से गुजरते हैं। इस पुल का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल के दौरान किया गया था।