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एनकाउंटर पर सियासी घमासान: RJD बोली-अपराधी की कोई जाति नहीं, सच दफनाने के लिए हो रही हत्याएं

हाल के दिनों में बिहार में हुए एनकाउंटर पर सियासी बवाल मचा है। विपक्षी दल एनकाउंटर के पीछे सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। राजद प्रवक्ता ने कहा कि सरकार खुन्नस निकालने के लिए ये एनकाउंटर करा रही है। 

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पटना

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Anand Shekhar

May 03, 2026

shakti yadav rjd

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव (फोटो- X@shaktiyadav)

Bihar News: बिहार में हाल के दिनों में हुए एनकाउंटर ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। तेजस्वी यादव के करीबी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इन एनकाउंटरों को सुशासन का ढोंग करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून का राज नहीं, बल्कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की व्यक्तिगत खुन्नस के आधार पर न्याय किया जा रहा है।

एनकाउंटर को बताया सत्ता का काला सच

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर कभी भी सच को सामने नहीं लाता। उनके अनुसार, ये मुठभेड़ें दरअसल सत्ता के गहरे और काले सच को हमेशा के लिए दफन करने का एक जरिया बन गई हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों पर नकेल कसना जरूरी है, लेकिन व्यक्तिगत रंजिश निकालने के लिए की जाने वाली हत्याएं विशुद्ध रूप से गुंडाराज की श्रेणी में आती हैं।

जाति और राजनीति पर तीखा प्रहार

एनकाउंटर के बाद होने वाले जातिगत ध्रुवीकरण पर राजद ने कड़ा रुख अपनाया है। शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो अपराधियों की जाति गिनाकर राजनीति कर रहे हैं। राजद का तर्क है कि कानून का राज बिना किसी भेदभाव के स्थापित होना चाहिए, न कि सत्ता के इशारे पर सीनाजोरी और चयनात्मक हत्याओं के दौर से।

मानवाधिकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

शक्ति सिंह यादव ने मानवाधिकार समर्थकों के दोहरे मापदंड पर भी सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि अगर यही घटनाएं किसी दूसरी सरकार के कार्यकाल में हुई होतीं, तो अब तक आसमान सिर पर उठा लिया गया होता। राजद का मानना है कि पुलिस का इकबाल ऐसा होना चाहिए कि अपराधियों में खौफ पैदा हो, लेकिन वर्तमान में पुलिस का उपयोग राजनीतिक विरोधियों और व्यक्तिगत दुश्मनी को शांत करने के लिए किया जा रहा है।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

वहीं, कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने हाल में हुए एनकाउंटरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो यह ठीक है। लेकिन अगर यह किसी खास जाति को निशाना बनाने के विशेष उद्देश्य से की जाती है, तो यह एक गंभीर मामला है। आखिर, इसे कौन स्वीकार करेगा?

बिना न्यायिक प्रक्रिया के एनकाउंटर सही नहीं- AIMIM

एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा कि किसी को भी एनकाउंटर करने का अधिकार नहीं है। अपराधियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। अगर जरूरी हो तो उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। लेकिन, बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के एनकाउंटर करना बिल्कुल भी सही नहीं है। जब कोई आम नागरिक अदालत के आदेश का पालन नहीं करता, तो इसे अदालत की अवमानना माना जाता है। फिर भी, यह अफसोस की बात है कि दिल्ली और पटना की सरकारें खुद ही सैकड़ों अदालती आदेशों की अनदेखी करती हैं। सरकारें खुद ही अदालतों का मजाक उड़ा रही हैं।