
विक्रमशिला सेतु (वायरल वीडियो स्क्रीन ग्रैब)
बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु रविवार की आधी रात के बाद एक बड़े हादसे का शिकार हो गया, जिससे कोसी और सीमांचल क्षेत्रों के 16 जिलों से भागलपुर का सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इस हादसे में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि एक साधारण ट्रक ड्राइवर ने घटना से कुछ घंटे पहले ही इस अनहोनी की चेतावनी दे दी थी, जिसे प्रशासन ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक ट्रक चालक पुल के पिलर संख्या 4 और 5 के बीच रुककर धंसते हुए स्लैब को कैमरे में रिकॉर्ड कर रहा है। वह चालक बार-बार चिल्लाकर कह रहा है, 'यहां का पाया धंस गया है, पुल कभी भी गिर सकता है। भाई लोग यहां सावधानी से गाड़ी चलाएं।' जिस खतरे को एक आम ड्राइवर अपनी आंखों से देख पा रहा था, उसे करोड़ों के बजट वाले विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नहीं समझ सके।
रविवार रात करीब 11:55 बजे पुल पर कंपन महसूस हुआ और रात करीब 12:50 बजे पुल का लगभग 34 मीटर लंबा स्लैब जोरदार आवाज के साथ गंगा की लहरों में समा गया। गनीमत यह रही कि कंपन की शुरुआती खबरों के बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए रात 12:35 बजे तक ट्रैफिक रुकवा दिया था, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बच गई। हाँ
4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल के टूटने से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के 16 जिलों की कनेक्टिविटी पूरी तरह छिन गई है। रोजाना इस पुल से लगभग एक लाख लोग और 50 हजार वाहन गुजरते थे, जो अब मुंगेर पुल के रास्ते लंबा चक्कर काटकर जाने को मजबूर हैं। प्रशासन ने फिलहाल पुल को पूरी तरह सील कर दिया है और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है, लेकिन मरम्मत में कम से कम 15 दिन या उससे अधिक का समय लगने की आशंका है। इस बीच, स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी रोष है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद सरकार क्यों सोती रही।
पुल गिरने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, 'भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली। भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए। विगत महीने हम लोगों ने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है लेकिन आदतन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था का बचाव करते हुए पल्ला झाड़ लिया।'
तेजस्वी यादव ने आगे लिखा, 'जिस वक्त पुल गिरा अनेक वाहन पुल पर थे लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद रहा कि गिरने वाले स्लैब पर नहीं थे इसलिए जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। विगत दो साल में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे है तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है।'
Updated on:
04 May 2026 02:25 pm
Published on:
04 May 2026 02:24 pm
