
विक्रमशिला सेतु
बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले और उत्तर व दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा रविवार आधी रात के बाद गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और खास तौर पर भारतीय जनता पार्टी को निशाना बनाया है।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हादसे के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा कि भागलपुर-नवगछिया को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण सेतु गिर गया क्योंकि बिहार में पथ निर्माण विभाग और पुल निर्माण निगम केवल मलाई खाने वाला निकाय बनकर रह गए हैं। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले 18-19 साल से यह विभाग भाजपा के पास है, जिसका सीधा मतलब है कि 'भ्रष्ट जनता पार्टी' जमकर लूट मचा रही है। उनके अनुसार, इसी संस्थागत भ्रष्टाचार के कारण बिहार में लगातार पुल गिर रहे हैं।
राष्ट्रीय जनता दल ने भी आधिकारिक तौर पर सरकार की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की है. राजद ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि 4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल का पिलर ध्वस्त हुआ और एक स्लैब गंगा में गिर गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोग लंबे समय से कमजोर पाए और पुल में बढ़ते कंपन की शिकायत कर रहे थे, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण इसे अनसुना किया गया। राजद ने तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान पुल की ठोस तकनीकी मरम्मत पर कभी नहीं रहा, बल्कि वे केवल बाहरी रंगाई-पुताई कर जनता की आंखों में धूल झोंकते रहे।
रविवार की आधी रात के बाद लगभग 12:55 AM पर विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिससे भागलपुर (NH-80) और नौगछिया (NH-31) के बीच सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया। घटना की खबर मिलते ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुलिस बल के साथ स्थिति का जायजा लेने के लिए लगभग 2 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। इस दुर्घटना के बाद, पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है।
साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा उद्घाटित यह पुल कोसी और सीमांचल क्षेत्रों के 16 जिलों को भागलपुर से जोड़ता है। पुल के गिरने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। फिलहाल, प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर मुंगेर पुल का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी के अनुसार, घटना की जांच करने के लिए जल्द ही एक उच्च-स्तरीय समिति के भागलपुर पहुंचने की उम्मीद है।
Updated on:
04 May 2026 09:52 am
Published on:
04 May 2026 09:51 am
