पटना

चीफ जस्टिस बन DGP को दिया था झांसा, अब ED अफसर बन DM को दी धमकी; पटना से गिरफ्तार हुआ शातिर

बिहार पुलिस ने पटना से जालसाज अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। अभिषेक पर प्रवर्तन निदेशालय का डायरेक्टर बनकर भोजपुर के डीएम को धमकाने का आरोप है। इससे पहले भी अभिषेक डीजपी को झांसा देने के आरोप में जेल जा चुका है। 

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May 01, 2026
जालसाज अभिषेक अग्रवाल (फाइल फोटो)

Fake ED Director: बिहार में बड़े अधिकारियों के साथ जालसाजी की कोशिश करने वाला शातिर अभिषेक अग्रवाल उर्फ अभिषेक भोपलका एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। इस बार उसने भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया को निशाना बनाने की कोशिश की थी। भोजपुर और पटना पुलिस की एक संयुक्त टीम ने स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर काम करते हुए, उसे पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। अभिषेक पर DM को फोन करके खुद को नई दिल्ली से ED डायरेक्टर बताकर धमकाने और उन पर दबाव डालने की कोशिश करने का आरोप है।

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भोजपुर डीएम को दी धमकी और बनाया दबाव

भोजपुर के डीएम तनय सुल्तानिया को अपने प्रभाव में लाने के लिए ठग अभिषेक ने डीएम के सरकारी मोबाइल नंबर पर कई बार व्हाट्सप्प कॉल किए। प्रवर्तन निदेशालय का डायरेक्टर बनकर उसने विभागीय मामलों में अपनी धौंस जमाने की कोशिश की और सीएम पर बेवजह दबाव डाला। हालांकि, उसकी बातों पर डीएम को शक हो गया। इसके बाद उनके दफ्तर के एक कर्मचारी रोहित कुमार ने 28 अप्रैल को आरा के नवादा थाने में एक FIR दर्ज कराई। केस दर्ज होते ही पुलिस और STF हरकत में आई और टेक्निकल सर्विलांस का इस्तेमाल करके उसे पटना में पकड़ लिया।

DGP को 'सर' कहने पर कर दिया था मजबूर

अभिषेक अग्रवाल का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और चौंकाने वाला है। यह वही व्यक्ति है जिसने साल 2022 में पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल की एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी और बिहार के तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को हफ्तों तक सफलतापूर्वक झांसा दिया था। उस समय उसने व्हाट्सप्प कॉल का इस्तेमाल करके डीजीपी पर दबाव डाला था कि वे गया के तत्कालीन सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस आदित्य कुमार के पक्ष में फैसले लें। उसे असली चीफ जस्टिस मानकर डीजीपी ने घंटों तक उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित किया। बाद में आर्थिक अपराध इकाई ने इस जालसाजी का पर्दाफाश किया और उसे जेल भेज दिया।

अधिकारियों को ब्लैकमेल करना पेशा

जांच से पता चला है कि अभिषेक नकली SIM कार्ड का इस्तेमाल करके जांच एजेंसियों के किसी बड़े अधिकारी होने का नाटक करता है और फिर IAS और IPS अधिकारियों को ब्लैकमेल करता है। वह अक्सर तबादलों और नियुक्तियों के मामले में लॉबिंग करता था। अपना रसूख बनाए रखने के लिए अभिषेक वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें खिंचवाता था और फिर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। इस बार भी उसने झांसा देने के लिए हाईकोर्ट के एक सीनियर जज के साथ वाली तस्वीर अपने वॉट्सऐप डीपी में लगा रखी थी।

अभिषेक के पास नकद और मोबाइल बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभिषेक के पास से 2.61 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद किए। भोजपुर के नवादा पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें जबरन वसूली से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। इन अपराधों के लिए सात साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने गुनाह कबूल कर लिए, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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Published on:
01 May 2026 01:14 pm
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