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4 महीने में 12 एनकाउंटर: बिहार में ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के साथ एक्शन मोड में बिहार पुलिस

बिहार पुलिस के ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत पिछले चार महीनों में 12 मुठभेड़ों में 4 अपराधी मारे गए, 9 को घायल कर गिरफ्तार किया गया, जबकि 38 इनामी समेत कुल 730 अपराधी और 18 नक्सली पकड़े गए।

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सीवान में एनकाउंटर

बिहार के भागलपुर में रामधनी यादव के एनकाउंटर के अगले ही दिन सीवान में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है कि अपराधियों को उनके ही अंदाज में जवाब दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को राज्य के सभी जिलों के एसपी और डीएम के साथ बैठक में सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो कि “तेरहवीं से पहले ही उनकी फोटो पर माला चढ़ जाए”, जिससे पुलिस को क्राइम कंट्रोल के लिए खुली छूट मिलने का संकेत माना जा रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद से पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। राज्य में औसतन हर महीने करीब तीन पुलिस मुठभेड़ हो रही हैं। साल 2026 के पहले चार महीनों में 12 मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 4 अपराधी मारे गए। वहीं, भागने की कोशिश कर रहे 9 अपराधियों को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया है।

एनकाउंटर में कुख्यात अपराधी ढेर

एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 6 फरवरी को वैशाली (हाजीपुर) में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कुख्यात अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को मार गिराया। वह सोना लूट, हत्या और डकैती के 30 से अधिक मामलों में फरार था और उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था।

इसके बाद 17 मार्च को मोतिहारी के चकिया में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कुंदन ठाकुर और प्रियांश दुबे को ढेर कर दिया गया। बताया जाता है कि घटना से एक दिन पहले कुंदन ठाकुर ने चकिया के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर धमकी दी थी। इस एनकाउंटर में एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई और वे शहीद हो गए।

29 अप्रैल को पटना पुलिस ने भागलपुर के कुख्यात अपराधी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। वह सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड का मुख्य आरोपी था। उसने अपने साथियों के साथ कार्यालय में घुसकर दिनदहाड़े फायरिंग की थी, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी की मौत हो गई थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस घटना के अगले ही दिन सीवान में पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के भांजे की हत्या के आरोपी छोटू कुमार यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी।

4 महीने में 730 अपराधी गिरफ्तार

बिहार पुलिस की एसटीएफ ने पिछले चार महीनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 इनामी कुख्यात अपराधियों समेत जिलों की टॉप-10 और टॉप-20 सूची में शामिल कुल 730 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 18 नक्सलियों को भी पकड़ा गया है।
इनामी अपराधियों में तीन लाख, दो लाख और एक लाख रुपये के इनाम वाले एक-एक अपराधी शामिल हैं। वहीं, 50 हजार रुपये के 9 और 25 हजार रुपये के 26 इनामी अपराधियों को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।

ऑपरेशन लंगड़ा में जख्मी अपराधी

अपराधी का नामकहां का रहने वाला है
मैनेजर रायदीदारगंज, पटना
प्रह्लाद कुमार अथमलगोला, पटना
नीतीश कुमार मनेर, पटना
परमानंद यादव उर्फ नेपाली लातेहार, झारखंड
राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन खाजेकलां, पटना
धीरज कुमार पंडारक, पटना
मंगल कुमार बलिया, बेगूसराय
छोटू कुमार यादव सीवान