
आईजीआईएमएस की एमबीबीएस परीक्षा में कदाचार की घटना के बीच पटना साइंस कॉलेज ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की एमबीबीएस परीक्षा कराने से इनकार कर दिया है। पटना साइंस कॉलेज में 28 अप्रैल से थर्ड प्रोफेशनल एमबीबीएस पार्ट-II परीक्षा 2025 आयोजित की जा रही है। गुरुवार को परीक्षा के दौरान नकल को लेकर हुए हंगामे के बाद कॉलेज के प्राचार्य ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट कर दिया कि अब आगे से एमबीबीएस की परीक्षा कॉलेज में कराना संभव नहीं होगा। कॉलेज प्रशासन के इस फैसले नेआर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी की परेशानी बढ़ा दी है।
पटना साइंस कॉलेज के प्राचार्य ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को लिखे पत्र में कहा है कि “अपरिहार्य कारणों” की वजह से कॉलेज में परीक्षा आयोजित कराना संभव नहीं है। हालांकि, पत्र में इन कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई जब कुछ परीक्षार्थी नकल के बिना परीक्षा देने को तैयार नहीं थे, जबकि कॉलेज के शिक्षक और परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारी किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थे। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के मुताबिक, 28 अप्रैल से शुरू हुई एमबीबीएस परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षार्थी खुलेआम मोबाइल फोन और किताबों के सहारे परीक्षा देने का दबाव बना रहे थे। हालात बिगड़ने पर ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों ने परीक्षा संचालन से असमर्थता जताई, जिसके बाद परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। इस परीक्षा केंद्र पर पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत कई मेडिकल कॉलेजों के छात्र शामिल थे।
सूत्र यह भी बताते हैं कि पहले दिन कुछ परीक्षार्थियों द्वारा ऑब्जर्वर से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया था। 30 अप्रैल को ऑब्जर्वर ने कई छात्रों के मोबाइल फोन और किताबें जब्त की थीं, जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
इधर, एमबीबीएस परीक्षा दे रहे कुछ छात्रों ने पटना साइंस कॉलेज के प्रशासन पर पैसे लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हम लोगों से 10-10 हजार रूपये लिए गए हैं। पीयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मनीष यादव और संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार ने कॉलेज प्रशासन पर लाखों रुपये लेकर परीक्षा केंद्र मैनेज करने का गंभीर आरोप लगाया है।
वहीं, पटना साइंस कॉलेज के प्राचार्य ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों को अपने दावे के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग भी की है।
पटना साइंस कॉलेज से पहले बीएन कॉलेज में भी एमबीबीएस परीक्षा के दौरान गड़बड़ी सामने आई थी। तत्कालीन प्राचार्य ने कई परीक्षार्थियों के पास से बड़ी मात्रा में चीट-पुर्जे बरामद किए थे, साथ ही कई फर्जी परीक्षार्थियों को रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा केंद्र को रद्द कर दिया गया था।
Updated on:
01 May 2026 10:46 am
Published on:
01 May 2026 09:58 am
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