
नवादा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह छापेमारी एसपी अभिनव धीमान के दिशा-निर्देश पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक प्रिया ज्योति के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर थाना कांड संख्या 165/25 के तहत गठित विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की गई।
पुलिस ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मीरविगहा गांव स्थित एक ईंट भट्टे पर छापा मारा, जहां अपराधी छिपकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। छापेमारी में पुलिस ने 12 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और तीन चार पहिया वाहन बरामद किए। अपराधियों के पास से डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जो उनके साइबर ठगी के नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
जांच में सामने आया कि अपराधी लोगों को कॉल करके कहते थे कि उनका कोई सामान डिलीवरी के लिए आया है। जब लोग ऐसा कहकर मना करते, तो अपराधी कहते कि बैंक या ऑफिस से कोई महत्वपूर्ण कागजात आया है और डिलीवरी बॉय का फोन नहीं लग रहा, इसलिए वे कॉल कर रहे हैं। इसके बाद पीड़ित से वन टाइम पासवर्ड (OTP) मांग लिया जाता और तुरंत उस नंबर से पीड़ित के व्हाट्सएप अकाउंट में लॉगिन कर लिया जाता।
व्हाट्सएप में लॉगिन करने के बाद अपराधी पीड़ित के सभी कॉन्टैक्ट्स और ग्रुप्स में संदेश भेजते कि उन्हें तत्काल 40,000 से 50,000 रुपये की जरूरत है। कई लोग अपने परिचितों के नाम पर यह रकम भेज देते। इसके साथ ही अपराधी पीड़ित के सभी कॉन्टैक्ट्स का स्क्रीनशॉट भी ले लेते थे और बाद में उन्हें भी निशाना बनाते।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में पंकज कुमार (24 वर्ष, मीरविगहा), सतीश कुमार (25 वर्ष, पांची, शेखोपुरसराय), कौशलेंद्र प्रसाद सिन्हा (39 वर्ष, अस्थाना, शेखोपुरसराय), भरत कुमार (25 वर्ष, बरूई, शेखोपुरसराय) और नवीन कुमार उर्फ भोनू (28 वर्ष, सोनका, अरियरी, शेखपुरा) शामिल हैं। पूछताछ के दौरान कई और अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनसे और अपराधियों तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
पुलिस की इस कार्रवाई से नवादा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में राहत के साथ-साथ हड़कंप भी मचा हुआ है। एसपी अभिनव धीमान ने जनता से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और किसी भी तरह का OTP शेयर न करें।
वरीय पुलिस उपाधीक्षक प्रिया ज्योति ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से और पूछताछ की जा रही है और इसके नेटवर्क में शामिल अन्य अपराधियों की भी खोज की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।