पटना

“चार महीने बाद घर लौटने का वादा था”- होर्मुज में मिसाइल हमले ने छीन ली बिहार के बेटे की जिंदगी

बिहार के गोपालगंज निवासी भारतीय नाविक रोहन कुमार की मिसाइल हमले में मौत हो गई। वह मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे और चार महीने की छुट्टी बिताने के बाद हाल ही में ड्यूटी पर लौटे थे। परिजनों के अनुसार, उन्होंने चार महीने बाद घर वापस आने का वादा किया था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद हादसा हो गया। इस हमले में 10 अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं।
2 min read
Jul 15, 2026
rohan kumar
भारतीय नाविक रोहन कुमार। फाइल फोटो

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की आग अब बिहार के एक परिवार तक पहुंच गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमले का शिकार हुए एक ऑयल टैंकर पर तैनात गोपालगंज के 31 वर्षीय भारतीय नाविक रोहन कुमार की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव भी बढ़ा दिया है। 31 वर्षीय रोहन कुमार बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य माने जाते थे। कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने मर्चेंट नेवी में अपना करियर बनाया था और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे थे।

8 जून 2026 को रोहन चार महीने की पारिवारिक छुट्टी बिताने के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। घर से निकलते समय उन्होंने अपने परिजनों से वादा किया था कि चार महीने का समुद्री अनुबंध पूरा करने के बाद वापस लौटेंगे। लेकिन उनका यह वादा हमेशा के लिए अधूरा रह गया।

"चार महीने बाद घर लौटने का वादा था"

रोहन के बड़े भाई मनीष कुमार ने बताया, "वह कुछ महीने हमारे साथ रहे थे और यह कहकर ड्यूटी पर लौटे थे कि चार महीने बाद फिर घर आएंगे। अब हम उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे हैं।" वहीं, उनके पिता संजय कुमार गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा, "रोहन परिवार के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे। उनके साथ हमारे भी कई सपने टूट गए।"

मिसाइल हमले में गई जान

ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी मार्ग पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के झंडे वाले दो मर्चेंट ऑयल टैंकर—MT अल बहिया और MT मोम्बासा—पर क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया गया। हमले के बाद दोनों जहाजों में आग लग गई।

MT अल बहिया पर तैनात रोहन कुमार की इस हमले में मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस दोहरे मिसाइल हमले में 10 अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 5 बजे शिपिंग कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फोन कर इस दुखद घटना की जानकारी दी। गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जिला प्रशासन परिवार के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से रोहन कुमार के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

इस हमले के बाद भारत ने ईरान के समक्ष कूटनीतिक स्तर पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के वरिष्ठ राजनयिकों, जिनमें डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (DCM) मोहम्मद जवाद होसैनी भी शामिल थे, को तलब कर घटना पर अपनी आपत्ति जताई।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह के हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और निर्दोष नागरिकों तथा नाविकों को किसी भी भू-राजनीतिक संघर्ष का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आपातकालीन राहत दलों ने समय रहते दोनों जहाजों में लगी आग पर काबू पा लिया।

Updated on:
15 Jul 2026 12:36 pm
Published on:
15 Jul 2026 12:31 pm