
(पटना): विजयादशमी पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर निर्माण पर दिए वक्तव्य से बिहार में सियासी घमासान मच गया। एनडीए सरकार के प्रमुख दल जदयू ने बयान के निहितार्थ से किनारा करते हुए अपना स्टैंड से साफ किया है। जदयू ने कहा कि मंदिर निर्माण का फैसला या तो दोनों पक्षों की आपसी बातचीत से तय हो या फिर सुप्रीम कोर्ट से।
जदयू महासचिव के सी त्यागी ने इस बाबत कहा कि हर किसी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा भागवत के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से कन्नी काट ली। कहा कि जदयू का स्टैंड बिल्कुल साफ है। जदयू कोई और तीसरी बात नहीं जानता।
बता दें कि विजयादशमी के संबोधन में मोहन भागवत ने कहा था कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए सरकार को कानून बनाकर रास्ता से साफ करना चाहिए। यह केवल हिंदू मुसलमान कि सवाल नहीं है,बल्कि करोड़ों भारतवासियों की आस्था और अस्मिता का सवाल है। भागवत के बयान पर कांग्रेस ने भी निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि एनडीए सरकार के एजेंडे को भागवत ने खोल कर रख दिया है। इधर भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा विधायक नितिन नवीन ने कहा कि मोहन भागवत ने सोच समझकर सही बयान दिया है।