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बांकीपुर का रण हुआ हाई-प्रोफाइल! PK के समर्थन में आ सकते हैं विजय थलपति, शत्रुघ्न सिन्हा का भी मिला साथ

बांकीपुर उपचुनाव: पटना की बांकीपुर सीट पर चुनाव प्रचार तेज हो गया है। प्रशांत किशोर के समर्थन में विजय थलपति के प्रचार करने की चर्चा है, जबकि शत्रुघ्न सिन्हा पहले ही समर्थन दे चुके हैं। वहीं, बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक के लिए नितिन नवीन और पवन सिंह के प्रचार करने की संभावना है। बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर कायस्थ और सामान्य वर्ग के वोटर निर्णायक हैं। इस बार PK की एंट्री से मुकाबला रोचक हो गया है।
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जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर

जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (Photo-IANS)

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट (पटना) पर होने वाले उपचुनाव के साथ चुनाव प्रचार तेज हो गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समर्थन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय थलपति के स्टार प्रचारक के रूप में पटना आने की चर्चा है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले फिल्म अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा प्रशांत किशोर को अपना समर्थन दे चुके हैं।

वहीं, बीजेपी भी चुनाव प्रचार को धार देने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक के समर्थन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेता प्रचार के लिए पटना आ सकते हैं। इसके अलावा, भोजपुरी अभिनेता और नेता पवन सिंह के भी अभिषेक के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की संभावना जताई जा रही है।

BJP का अभेद किला बांकीपुर

बांकीपुर विधानसभा सीट वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इससे पहले यह क्षेत्र पटना पश्चिमी विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था। पटना पश्चिमी सीट पर हुए 14 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने तीन बार, वाम दलों ने दो बार, जबकि जनक्रांति और जनता दल ने एक-एक बार जीत दर्ज की। वहीं, दो बार निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे। भाजपा ने इस क्षेत्र से कुल पांच बार जीत हासिल की।

वर्ष 1995 से यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में है। सबसे पहले नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने 1995, 2000 और 2005 (फरवरी एवं अक्टूबर) के विधानसभा चुनाव जीते। इसके बाद नितिन नवीन लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे। यही वजह है कि बांकीपुर को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट रिक्त हुई, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है।

वोट बैंक के सहारे BJP का किला

बांकीपुर विधानसभा सीट पर करीब 15 प्रतिशत कायस्थ मतदाता हैं, जिन्हें इस सीट का निर्णायक वोट बैंक माना जाता है। इसके अलावा सामान्य वर्ग के करीब 20 प्रतिशत मतदाता हैं, जो लंबे समय से बीजेपी के परंपरागत समर्थक माने जाते हैं। वहीं, यादव और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 10-10 प्रतिशत बताई जाती है।

इन्हीं सामाजिक समीकरणों के सहारे बीजेपी पिछले तीन दशकों से इस सीट पर अपना दबदबा बनाए हुए है। हालांकि, इस बार प्रशांत किशोर की मौजूदगी और विपक्षी दलों के बीच बहुकोणीय मुकाबले ने बांकीपुर का चुनाव पहले से ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।