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भरत तिवारी एनकाउंटर: दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज से अनशन, परिजन हुए आर-पार के मूड में

भरत तिवारी एनकाउंटर में संलिप्त पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन और समाजसेवी आज (9 जुलाई) से आमरण अनशन शुरू करेंगे। इससे पहले आरा सिविल कोर्ट में परिजनों का बयान दर्ज किया गया। परिवार ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर भरोसा है, पुलिस पर नहीं। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
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bharat tiwari Encounter case

भरत तिवारी (फोटो- bharat tiwari facebook)

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन और समाजसेवी आज (9 जुलाई) से आमरण अनशन पर बैठेंगे। परिवार अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर रहा है। इसे देखते हुए बड़ी संख्या में लोग भरत भूषण तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचने लगे हैं।

इससे पहले बुधवार (8 जुलाई) को भरत तिवारी की मां, बहन, भाभी और भाई का बयान आरा सिविल कोर्ट में न्यायाधीश की मौजूदगी में दर्ज किया गया। परिजनों को पुलिस सुरक्षा के बीच आरा कोर्ट लाया गया था।

कोर्ट पर भरोसा, पुलिस पर नहीं

कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में भरत तिवारी की मां ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है, लेकिन पुलिस पर नहीं। उन्होंने कहा कि परिवार को सुरक्षा नहीं, बल्कि न्याय चाहिए।

भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद प्रशासन ने परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय दिलाना है। उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हुई थी।

कार्रवाई तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

पत्रकारों से बातचीत के दौरान भरत तिवारी की बहन पुष्पा कुमारी और मां आशा देवी ने जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार शर्मा, जगदीशपुर थाने के एसएचओ राजेश मालाकार, पुलिसकर्मी अंकित आर्यन, एसआई सच्चिदानंद यादव और एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था कि जब तक इन सभी के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। हालांकि, परिजनों के इन आरोपों और मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भोजपुर SP रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं

भरत भूषण तिवारी के पिता काशी तिवारी ने अपने बेटे की मौत को लेकर बालू माफिया से जुड़े संबंधों का आरोप लगाते हुए भोजपुर पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए थे। काशी तिवारी का आरोप है कि जब भोजपुर के एसपी उनके परिवार से मिलने घर आए थे, तब उनके साथ कथित तौर पर एक बालू कारोबारी भी मौजूद था। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में भोजपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।