पटना

ईंट किसकी? बालू किसका? जमीन किसकी? JDU ने की लालू यादव के आलीशान बंगले की जांच की मांग

Bihar Politics: JDU ने पटना के कौटिल्य नगर में बन रहे लालू यादव के नए आलीशान बंगले पर हमला बोला है। नीरज कुमार ने बंगले के निर्माण पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इसमें किसकी ईंटें, रेत और जमीन इस्तेमाल हुई है। उन्होंने मांग की कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा इस मामले की जांच करें।
2 min read
Jan 01, 2026
Bihar politics
लालू यादव का बंगला

Bihar Politics: बिहार की सियासत में एक बार फिर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के नए आवास को लेकर घमासान तेज हो गया है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने पटना के कौटिल्य नगर में बन रहे लालू यादव के कथित आलीशान बंगले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस बंगले की जमीन और निर्माण सामग्री आदि की जांच की मांग की है। जदयू का आरोप है कि जिस नेता ने कभी जिस इलाके के चपरासी क्वार्टर में रहने का दावा कर राजनीति में आने की बात कही, उसी इलाके में अब उसका किले जैसा बंगला खड़ा हो रहा है।

जहां-जहां जाइएगा, भ्रष्टाचार वहां मिलेगा

नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव जहां-जहां जाते हैं, वहां-वहां भ्रष्टाचार के आरोप भी साथ चलते हैं। उन्होंने कहा, “जिस मोहल्ले में चपरासी क्वार्टर में रहने का दावा किया जाता था, आज उसी इलाके में शानदार किला बन रहा है। सवाल यह है कि ईंट किसकी है, बालू किसका है और जमीन किसकी है?” जदयू प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर कहा कि अब दावों और हकीकत के बीच का फर्क सामने आ रहा है।

राजस्व विभाग से जांच की मांग

जदयू ने स्पष्ट तौर पर मांग की है कि इस निर्माण की जांच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कराई जाए। नीरज कुमार ने कहा कि जमीन की जांच करने का अधिकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पास है और मौजूदा हालात में यह जरूरी है कि हर दस्तावेज सार्वजनिक रूप से परखा जाए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा से आग्रह किया कि वे इस भूखंड के आवंटन, स्वामित्व और देय शुल्क से जुड़े सभी रिकॉर्ड की पड़ताल कराएं।

किस कारण से मिला प्लॉट?

जदयू का आरोप है कि यह देखा जाना चाहिए कि संबंधित प्लॉट किस आधार पर और किन परिस्थितियों में मिला। क्या इसमें किसी तरह का राजनीतिक लाभ या विशेष रियायत दी गई? क्या सभी राजस्व शुल्क और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं? नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव के पास दान में मिली जमीन की लंबी श्रृंखला बताई जाती है और यही वजह है कि हर नए निर्माण पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

टेंपरेरी अरेंजमेंट या परमानेंट महल?

लालू यादव के संभावित नए ठिकाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी जदयू ने तंज कसा। नीरज कुमार ने कहा कि इसे टेंपरेरी अरेंजमेंट बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह का निर्माण दिख रहा है, वह किसी अस्थायी व्यवस्था से कहीं ज्यादा भव्य है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि काश, बिहार के हर गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक के पास भी ऐसा ही टेंपरेरी घर होता।

Updated on:
01 Jan 2026 02:46 pm
Published on:
01 Jan 2026 02:46 pm