भागलपुर एनकाउंटर को लेकर बिहार की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि ये नया बिहार है, यहां गोली का जवाब तोप से दिया जाएगा।
Bhagalpur Encounter:बिहार के भागलपुर जिला के सुल्तानगंज में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या और फिर उसके मुख्य आरोपी रामधनी यादव के एनकाउंटर ने बिहार का सियासी पारा हाई कर दिया है। एक तरफ जहां तेजस्वी यादव ने अपराधी के एनडीए नेताओं संग फोटो शेयर कर सरकार को घेरा, वहीं अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला है और भागलपुर पुलिस की पीठ थपथपाई है।
जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आक्रामक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए लिखा, "'सम्राट' की पराक्रमी सेना के सामने तो सिकंदर महान ने घुटने टेक दिए थे। तेजस्वी यादव गैंग के लोगों की क्या हैसियत।"
जीतन राम मांझी ने बिहार सरकार के सुशासन और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को लेकर चेतावनी भरे लहजे में आगे लिखा, 'खैर अब तो मैं यही कहूंगा, ये नया बिहार है, यहां गोली का जवाब तोप से दिया जाएगा। वेल डन भागलपुर पुलिस…।'
इस मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए जिसमें उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में 'मारब सिक्सर की 6 गोली छाती में…' गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही CM है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है। यह अपराधी रामधनी यादव BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ कई केंद्रीय मंत्रियों सांसदों और विधायकों का करीबी सहयोगी है। जंगलराज का बेसुरा राग अलपाने वाले हत्यारे एनडीए नेताओं के बारे में क्या कहेंगे?"
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी ने इस पूरे मामले पर कहा कि बिहार में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस ने भागलपुर की घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। बिहार से अपराध को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। अपराधियों को एक चुनाव करना होगा, या तो अपराध छोड़ दें या बिहार छोड़ दें।
जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने सुल्तानगंज नगर परिषद के अधिकारी की उनके दफ्तर में गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले पर कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। बिहार में न तो पहले कभी और न ही अब, ऐसे लोगों के लिए कोई जगह है जो कानून को अपने हाथ में लेते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। किसी भी हाल में, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
श्रवण कुमार ने आगे कहा कि एनकाउंटर केवल खास परिस्थितियों में ही होते हैं, खास तौर पर तब, जब कोई व्यक्ति सरेंडर करने से मना कर देता है या कानून को अपने हाथ में लेता है। और बेखौफ होकर अपराध करता है। ऐसे मामलों में, उनके खिलाफ हमेशा सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस को कानून में तय प्रावधानों के अनुसार ही सख्ती से काम करने का निर्देश है।