पटना

तेजस्वी की फिसली जुबान तो जीतन राम मांझी बोले- नशा कुछ भी करा सकता है, जीते जी लालू-राबड़ी को भी दे देंगे श्रद्धांजलि

Bihar Politics: दशरथ मांझी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई। उन्होंने दशरथ मांझी की जगह गलती से दो बार जीतन राम मांझी का नाम ले लिया। जिस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पोस्ट कर तंज कसा है।
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Aug 18, 2026
tejashwi yadav and jitan ram manjhi
राजद नेता तेजस्वी यादव एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

Jitan Ram Manjhi on Tejashwi Yadav: RJD के राज्य कार्यालय में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने से राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस सभा में तेजस्वी यादव ने शुरुआत में दशरथ मांझी की जगह केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का नाम दो बार ले लिया। इस पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नशा कुछ भी करा सकता है और लगता है रात वाला नशा उतरा नहीं था।

जीतन राम मांझी ने क्या कहा?

अपने पोस्ट में जीतन राम मांझी ने लिखा, "अगर शराब से नशा होता, तो बोतल खुद नाच रही होती। ऐसा लगा कि 'बाबू साहब' का रात वाला उतरा नहीं था, इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहे हैं। नशा कुछ भी करा सकता है।" जीतन राम मांझी ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो ये जनाब आने वाले वक्त में अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी को भी जीते जी श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

क्या है मामला?

दरअसल, 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर RJD ऑफिस के कर्पूरी हॉल में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी। पार्टी कार्यकर्ताओं और मुसहर समुदाय के सदस्यों की भारी भीड़ के सामने भाषण देते समय तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई। उन्होंने मंच से कहा कि वह जीतन राम मांझी की श्रद्धांजलि सभा में मौजूद सभी लोगों का आभार व्यक्त करना चाहते हैं।

जैसे ही उन्होंने जीतन राम मांझी का नाम लिया, मंच पर मौजूद लोगों और दर्शकों ने तुरंत उन्हें सही नाम बताने के लिए टोका। विपक्ष के नेता ने तुरंत अपनी गलती सुधारी एवं दशरथ मांझी का नाम लिया और फिर लोगों का अभिवादन किया।

दशरथ मांझी के लिए भारत रत्न की मांग

गलती सुधारने के बाद तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी के ऐतिहासिक योगदान और उनके दृढ़ संकल्प को याद किया। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी ने अकेले पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का जो असंभव कार्य किया, वह समाज के लिए एक अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने केंद्र सरकार से दशरथ मांझी को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी रखी। इसके साथ ही उन्होंने पटना के प्रमुख चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर आश्रम निर्माण कराने की बात कही।

Updated on:
18 Aug 2026 03:22 pm
Published on:
18 Aug 2026 03:22 pm
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