पटना

Venezuela Crisis के बीच खान सर का पुराना वीडियो वायरल, चीन-रूस और अमेरिका को लेकर कही थी ये बड़ी बात

Venezuela Crisis: वेनेजुएला संकट के बीच पटना के मशहूर टीचर खान सर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा थी कि अगर वेनेजुएला अपने बंदरगाह या मिलिट्री बेस चीन और रूस को देता है, तो अमेरिका दखल देने की हिम्मत नहीं करेगा।
2 min read
• •
Jan 06, 2026
Khan Sir News
खान सर (फोटो- Khan Sir Instagram)

Venezuela Crisis: वेनेजुएला में अमरीका की कार्रवाई के बाद पटना के मशहूर टीचर खान सर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, खान सर ने वेनेजुएला, चीन, रूस और अमेरिका के बीच संभावित टकराव के बारे में एक बयान दिया था, जिसे अब मौजूदा हालात से बहुत ज्यादा जुड़ा हुआ माना जा रहा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग उन्हें 'दूरदर्शी टीचर' बता रहे हैं और उनके बयान को आज की ग्लोबल पॉलिटिक्स से जोड़ रहे हैं।

वायरल वीडियो में क्या है?

वायरल वीडियो में, खान सर अपने अनोखे अंदाज में इंटरनेशनल पॉलिटिक्स समझाते हुए दिख रहे हैं। वह कहते हैं कि अगर वेनेजुएला अपने बंदरगाह या मिलिट्री बेस चीन और रूस को सौंप देता है, तो अमेरिका सीधे दखल देने की हिम्मत नहीं करेगा। खान सर ने तर्क दिया कि अमेरिका कमजोर देशों पर दबाव डाल सकता है, लेकिन जहां चीन और रूस जैसे ताकतवर देश शामिल होते हैं, वहां वह सावधानी से आगे बढ़ता है।

वीडियो में, खान सर यह भी कहते हैं कि अमेरिका अक्सर आर्थिक प्रतिबंधों और मिलिट्री दबाव की पॉलिसी अपनाता है, लेकिन यह पॉलिसी हर देश के खिलाफ समान रूप से असरदार नहीं होती। उन्होंने कहा कि ग्लोबल पॉलिटिक्स में पावर का बैलेंस सबसे बड़ा हथियार है।

भारत-चीन की तुलना

इसी वीडियो में, खान सर ने भारत और चीन की डिप्लोमेसी की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका भारत पर दबाव डालता है, तो भारत अक्सर झुक जाता है, जैसा कि रूस से तेल खरीदने के मामले में दबाव के दौरान देखा गया। दूसरी ओर, चीन का तरीका अलग है, वह दबाव के जवाब में टैरिफ और कड़े फैसलों से पलटवार करता है।

खान सर का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर रिएक्शन की बाढ़ आ गई। लोग उन्हें एक दूरदर्शी टीचर कह रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि खान सर ने अपनी क्लास में ठीक वही कहा था जो दुनिया आज देख रही है।

वेनेजुएला में क्या हुआ?

3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉलव' किया, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को काराकास में गिरफ्तार किया गया और न्यूयॉर्क ले जाया गया। ट्रंप प्रशासन ने इसे ड्रग तस्करी, मानवाधिकार उल्लंघन और तेल तानाशाही के खिलाफ एक ऑपरेशन बताया, जिसमें उत्तरी वेनेजुएला पर 150 से ज्यादा विमानों से हमला किया गया और कई मिलिट्री बेस को नष्ट कर दिया गया।

मादुरो को न्यू यॉर्क ले जाने के बाद उन्हें अमेरिकी कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्होंने खुद को निर्दोष बताया, जबकि वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया।

Updated on:
06 Jan 2026 03:27 pm
Published on:
06 Jan 2026 03:27 pm
Also Read
View All
Bihar MLC Election: जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में उतरे अनंत सिंह, बोले- आज तक हारे नहीं तो अब कैसे हारेंगे

RJD ने मायावती की मांग का किया समर्थन, मंगनी लाल मंडल बोले- बूथ कैप्चरिंग पकड़ी जाती थी, मशीन में चुपके से हो रहा खेल

‘हर जगह पुलिस नहीं हो सकती, एक-दो घटनाओं से बिहार को बदनाम न करें’, चिराग पासवान के बयान पर बोले जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर

Bihar MLC Election: अनुज सिंह विवाद पर प्रशांत किशोर की दो टूक, बोले- संगीन केस वाले को टिकट का सवाल ही नहीं, सबूत है तो सामने लाइए

पटना में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, संदीप सौरव बोले- 13 करोड़ नाम काटे गए, गिरफ्तारी तक लड़ेंगे