
Lalu Yadav-Rabri Devi vacate government residence: बिहार में दो दशकों तक राष्ट्रीय जनता दल की राजनीति का केंद्र रहा पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अब पूरी तरह खाली कर दिया गया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार ने इस बंगले को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। इस शिफ्टिंग के साथ ही अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने मम्मी-पापा के साथ एक ही छत के नीचे नहीं रहेंगे। पूरा परिवार अब अलग-अलग पतों पर शिफ्ट हो गया है।
RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अब पटना के कौटिल्य नगर स्थित अपने नए निजी आवास में रहेंगे और उनका सारा सामान भी वहीं पहुंचा दिया गया है। वहीं, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अब अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 1 पोलो रोड स्थित सरकारी बंगले में रहेंगे। तेजस्वी यादव ने दो दिन पहले ही अपना सामान इस घर में शिफ्ट किया था।
10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के मौके पर RJD समर्थक नरेंद्र कुमार ने कहा, "आज यह मंदिर छोड़ दिया गया है, अपने मंदिर में चली गईं हैं माता जी (राबड़ी देवी), लालू यादव और तेजस्वी यादव सभी चले गए हैं। सारा सामान शिफ्ट कर दिया गया है। यहां 20 साल रहने के बाद थोड़ा भावुक होना स्वाभाविक है। आवास की चाबियां जल्द ही भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों को सौंप दी जाएंगी।"
लालू परिवार के बंगला खाली करने के बाद, रामनगर विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक नंद किशोर राम अब 10 सर्कुलर रोड स्थित इस बंगले में रहेंगे। फिलहाल नंद किशोर राम बिहार सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री हैं।
सरकार ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड पर आवंटित बंगला खाली करने के लिए 29 जून तक का समय दिया था। हालांकि, दो दिन पहले राबड़ी देवी के निजी सचिव ने विभाग को पत्र लिखकर 5 जुलाई तक का समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस देरी का कारण यह था कि उन्हें 2006 में आवंटन के समय से चार्ज रजिस्टर नहीं दिया गया था। इस रजिस्टर में बंगले में मौजूद उन सभी सरकारी सामानों की सूची होती है जो उन्हें सौंपे गए थे। राबड़ी देवी ने मांग की थी कि विभाग यह सूची उपलब्ध कराए ताकि सामान का सही मिलान किया जा सके और बाद में कोई भ्रम न हो।
10 सर्कुलर रोड खाली कराने को लेकर पिछले कई महीनों से सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान चल रही थी। भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए कुल चार नोटिस भेजे थे। RJD ने लगातार इस पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।