
SDPO की नई पोस्टिंग पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल
Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले को लेकर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। अब RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मामले में आरोपी जगदीशपुर के तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर सरकार पर हमला बोला है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मामले की जांच को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
रोहिणी आचार्य ने भरत तिवारी की मौत के मामले में नामजद पुलिस अधिकारी की नई पोस्टिंग को सरकार का एक हैरान करने वाला फैसला बताया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "हत्या के नामजद आरोपी पुलिस अधिकारी को पुरस्कृत कर दिया सम्राट सरकार ने? जवईनिया गांव के गरीब विस्थापितों की लड़ाई लड़ने वाले, भोजपुर प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की बात करने वाले युवक भरत तिवारी की फर्जी पुलिसिया मुठभेड़ में की गयी हत्या के मामले में नामजद आरोपी पुलिस अधिकारी को नयी जिम्मेदारी सौंपा जाना, पुरस्कृत किए जाने के समान है।"
रोहिणी ने आगे आरोप लगाया कि इस फैसले से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों के उन आरोपों को बल मिलता है कि इस कथित फर्जी एनकाउंटर को शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की मौन सहमति या संरक्षण प्राप्त था।
रोहिणी आचार्य पहले ही भरत तिवारी फर्जी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के आदेश को जनता के आक्रोश को शांत करने की महज एक कोशिश बताकर खारिज कर चुकी हैं। रोहिणी का तर्क है कि सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच से तुरंत कोई स्पष्टता या खुलासा होने की संभावना नहीं है। न्यायिक जांच की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है और इस वजह से इस हत्या के दोषियों का अपराध साबित करने में लंबा समय लगेगा।
Published on:
02 Jul 2026 12:16 pm
