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भरत तिवारी केस में तेजस्वी का हमला, बोले- CM की मंजूरी बिना किसी की हिम्मत नहीं, मैसेज भेजने के बाद हुआ एनकाउंटर

tejashwi Yadav on Bharat Tiwari encounter: तेजस्वी यादव ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की जानकारी और मंज़ूरी के बिना ऐसी कार्रवाई संभव नहीं थी। उन्होंने इस मामले में हो रही जांच को भी महज़ दिखावा बताया।
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पटना

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Anand Shekhar

Jul 02, 2026

tejashwi yadav on bharat tiwari encounter

भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर तेजस्वी का सरकार पर हमला

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून को हुए भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है। इस मामले में अब RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोपी DSP राजेश कुमार शर्मा को मद्दनिषेध विभाग में नई पोस्ट पर तैनात करने को लेकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की इजाजत के बिना कोई भी एनकाउंटर करने की हिम्मत ही नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों और आरोपी अधिकारियों को सत्ता में बैठे लोगों का खुला संरक्षण मिल रहा है।

सरकार की कार्रवाई दिखावटी है- तेजस्वी यादव

गुरुवार को जब तेजस्वी यादव से पूछा गया कि बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में आरोपी डीएसपी को नई जिम्मेदारी मिली है, उन्हें मद्यनिषेध विभाग में डीएसपी बना दिया गया है, तो इस पर तेजस्वी ने भड़कते हुए कहा कि इस मामले में पूरी तरह से दिखावटी कार्रवाई हो रही है। यहां जो भी अपराधी हैं, उनको संरक्षण मिलता है। सही से न तो सुनवाई हो पाती है और न ही कोई ठोस कार्रवाई हो पाती है। यही आज के बिहार की सच्चाई है।

तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग पर आरोप लगाते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, "हम तो बता रहे हैं भाई। बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के किसी की हिम्मत ही नहीं है। गृह मंत्री भी वही हैं। पहले अधिकारी द्वारा उनको मैसेज भेजा गया, तब जाकर यह एनकाउंटर हुआ।"

मद्दनिषेध विभाग में राजेश शर्मा की पोस्टिंग पर सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर केस के बाद बिहार पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोगों में गुस्सा है, आरोपी पुलिस वालों पर लगातार कारवाई की मांग हो रही है। जनता के भारी आक्रोश के बीच, DSP राजेश शर्मा का पहले लाइन हाजिर पटना स्थित पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया, लेकिन सिर्फ सात दिन बाद ही उन्हें मद्दनिषेध विभाग जैसे अहम विभाग में DSP के पद पर पोस्टिंग दे दी गई। विपक्ष इस कदम को लेकर सरकार पर हमलावर है। तेजस्वी यादव से पहले लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस पोस्टिंग को 'सरकार की ओर से दिया गया इनाम' बताया था।