मानव श्रृंखला में बच्चों को शामिल करने पर हाईकोर्ट सख्त, गुरूवार को सुनवाई

शराबबंदी के समर्थन में बिहार सरकार की मानव श्रृंखला पर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है...
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Updated: 18 Jan 2017, 8:45 PM IST
patna high court, high court, patna news
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पटना। शराबबंदी के समर्थन में बिहार सरकार की मानव श्रृंखला पर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। अदालत ने राष्ट्रीय राजमार्ग और राजमार्ग बंद करने पर सरकार से जवाब तलब किया है। स्कूली बच्चों को मानव श्रृंखला में शामिल किए जाने के सरकारी निर्णय पर अदालत ने कड़ी आपत्ति की। सरकार से इस बाबत गुरूवार को जवाब देने के लिए कहा है। अदालत इस मामले की गुरूवार को फिर सुनवाई करेगी।

पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल जवाब देने के आदेश दिए। शराबबंदी के विरोध में २१ जनवरी को राज्य में ग्यारह हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाने को लेकर अदालत ने राजमार्गों को सुबह दस बजे से ही बंद करने के औचित्य पर सवाल खड़े किए। सरकार के इस कार्यक्रम में प्रमुख सड़कों को साढ़े दस बजे से शाम साढ़े तीन बजे तक बंद कर दिया गया है।

अदालत ने मानव श्रृंखला कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को शामिल करने पर कड़ा एतराज किया है। खंडपीठ ने पूछा है कि स्कूली बच्चों को क्यों शामिल किया जा रहा है। बच्चे पढऩे के लिए स्कूल जाते हैं। पढ़ाई छुड़ाकर बच्चों को मानव श्रृंखला में शामिल किए जाने का कोई मतलब नहीं है। अदालत ने सरकार से पूछा कि किस नियम के तहत राजमार्गों को बंद कर स्कूली बच्चों को इसमें शामिल किया जा रहा है। इस मामले में गुरूवार को ही सरकार से जवाब मांगा गया है। अदालत उसी दिन इस पर सुनवाई करेगी।

बता दें कि राज्य सरकार के इस अभियान में पूरी सरकार शिद्यत से लगी है। जिलों को निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मी, शिक्षक, अधिकारी और स्कूली बच्चे खासतौर से इस मुहिम में लगे हैं। प्रशासन और पुलिस महकमा सारे कामों को दरकिनार कर इसे सफल बनाने के अभियान में जुटा हुआ है जबकि मुख्यमंत्री खुद निश्चय यात्रा में लगे हुए हैं।
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