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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान, कहा- ‘मध्य-पूर्व में शांति के लिए तेहरान को नजरअंदाज करना संभव नहीं’

Middle East peace: ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा कि हालिया संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि ईरान को हटाकर या नजरअंदाज करके क्षेत्रीय सुरक्षा स्थापित नहीं की जा सकती है।

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Abbas Araghchi and iran latest news

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Photo-IANS)

Abbas Araghchi on Middle East security: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि हाल ही में हुए संघर्ष ने यह साफ कर दिया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा ईरान को नजरअंदाज करके नहीं बनाई जा सकती। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के देशों को अब यह समझ आ रहा है कि स्थायी शांति, आर्थिक विकास और स्थिरता तभी संभव है जब सभी देश मिलकर काम करें और एक-दूसरे के हितों का ध्यान रखें, जिसमें ईरान भी शामिल है। अराघची ने कहा कि हाल के युद्ध से यह सोच बदल रही है कि क्षेत्र में ईरान की भूमिका को अनदेखा किया जा सकता है।

टेलीग्राम पर साझा किए गए एक बयान के अनुसार अब्बास अराघची ने कहा, 'हालिया युद्ध के अनुभव ने दिखाया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा ईरान को खत्म करने या उसकी अनदेखी करने पर आधारित नहीं हो सकती। क्षेत्र के देशों को धीरे-धीरे यह अहसास हो गया है कि स्थायी सुरक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता केवल सहयोग, समझ और ईरान सहित क्षेत्र के सभी देशों के साझा हितों को ध्यान में रखते हुए ही संभव है।'

ईरान की शक्ति की सच्ची छवि...

उन्होंने आगे कहा, 'ईरान की शक्ति की सच्ची छवि दुनिया के सामने केवल सैन्य शक्ति से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, राष्ट्र की दृढ़ता और परिदृश्य पर जनता की सचेत उपस्थिति से भी प्रदर्शित होती है। एक ऐसी संपत्ति जिसे आज कूटनीति के क्षेत्र में ईरान के अधिकार का मुख्य आधार माना जाता है।'

उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से वैश्विक स्तर पर ईरान की एक कमजोर, पृथक और असुरक्षित छवि बनाने के प्रयास किए जा रहे थे। हालांकि, हाल की घटनाओं ने इस छवि को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया है और ईरान के इस्लामी गणराज्य की शक्ति की वास्तविकता को प्रदर्शित किया है।'

अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद जगी

आपको बता दें कि ईरान विदेश मंत्री की ओर से ये बयान ऐसे वक्त में दिए गए हैं, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से किए जा रहे राजनयिक प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते की उम्मीद जगी है, जो व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान दे सकता है।