
Mangni Lal Mandal on Bihar financial crisis: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों, बजट प्रबंधन और खजाने की हालत को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है, फिर भी बिना किसी बजट आवंटन के नई योजनाओं की घोषणा की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों और शिक्षकों को महीनों से वेतन नहीं मिला है, फिर भी सरकार असल स्थिति छिपाकर मदद के लिए केंद्र के पास जा रही है।
मंगनी लाल मंडल ने कहा कि तेजस्वी यादव का बयान पूरी तरह से तथ्यों और सबूतों पर आधारित है। बिना किसी ठोस वित्तीय प्रावधान के कागजों पर सड़क और निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले जहां शिक्षकों और कर्मचारियों को महीने की शुरुआत में नियमित रूप से वेतन मिलता था, वहीं वित्तीय निरंतरता की वह व्यवस्था अब पूरी तरह से चरमरा गई है। पिछले दो-तीन महीनों से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को वेतन न मिल पाना राज्य के गंभीर वित्तीय संकट का सबूत है।
राज्य के बजट प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए RJD प्रदेश अध्यक्ष ने फंड डायवर्जन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित फंड का केंद्रीय हिस्सा हासिल करने के लिए ही बिना बजट समर्थन के कई परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। अकाउंटेंट जनरल (AG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि 72,000 करोड़ से अधिक की राशि का कोई हिसाब-किताब नहीं है। उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद हिसाब न देना वित्तीय कुप्रबंधन, फंड डायवर्जन और गबन का संदेह पैदा करता है।
बिहार में निवेश और प्रति व्यक्ति आय की स्थिति पर मंगनी लाल मंडल ने कहा कि राज्य में राजस्व वसूली पूरी तरह से ठप हो गई है। बाहर से कोई नया पूंजी निवेश या प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नहीं आ रहा है, जिसके कारण बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की हालत इतनी खराब हो गई है कि वह भी पाकिस्तान की तरह मदद मांगने के लिए केंद्र के सामने कटोरा लेकर पहुंच गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कटोरा बड़ा था या छोटा ये तो पता नहीं, लेकिन तरीका पाकिस्तान जैसा ही था।