पटना

कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज से सभी 6 विधायकों ने बनाई दूरी, मकर संक्रांति के बाद बिहार में होगा बड़ा खेल?

Bihar Politics: बिहार कांग्रेस द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज ने राजनीतिक गलियारों में बेचैनी भी बढ़ा दी है। सदाकत आश्रम में हुए इस कार्यक्रम से पार्टी के सभी छह विधायकों की गैरमौजूदगी ने इस अटकल को हवा दी है कि बिहार कांग्रेस में एक बड़ी टूट होने वाली है।
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Jan 12, 2026
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सदाकत आश्रम में आयोजित दही-चूड़ा भोज (फोटो - @INCBihar)

Bihar Politics: बिहार कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी पटना के सदाकत आश्रम में दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पार्टी के कई सीनियर नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, लेकिन एक भी कांग्रेस विधायक मौजूद नहीं था। सभी छह विधायकों की गैरमौजूदगी से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं। यह पहली बार नहीं है जब विधायक कांग्रेस के किसी कार्यक्रम से गैरहाजिर रहे हों। 8 जनवरी को, नए VB-GRAM-G एक्ट और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) की कानूनी गारंटी पर हुई एक मीटिंग से तीन विधायक गैरहाजिर थे।

लोजपा (रामविलास) के नेता और बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह पहले ही दावा कर चुके है कि खरमास के बाद कांग्रेस के सभी छह विधायक एनडीए में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में विधायकों के भोज से गायब रहने पर फिर से सवाल खड़ा हो गया कि क्या सच में कांग्रेस के विधायक एनडीए में जा रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- सभी एकजुट हैं

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इस मुद्दे पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। कांग्रेस विधायकों के NDA में शामिल होने की अटकलों पर राजेश राम ने कहा कि हम भी कह सकते हैं कि BJP और JDU के विधायक हमारे संपर्क में हैं, लेकिन ये सब सिर्फ कहने की बातें हैं। जो टूटने वाला होता है, वह पहले से नहीं दिखता।

उन्होंने आगे कहा, “मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मेरे सभी छह विधायक साथ हैं। अगर वे (NDA के नेता) आने वाले दिनों में खबरें बनाना चाहते हैं, तो वे ऐसी बातें कहते रह सकते हैं। लेकिन आप जानते हैं, राजनीति में जो कहा जाता है, वह किया नहीं जाता, और जो किया जाता है, वह किसी को बताया नहीं जाता। खरमास आज रात खत्म हो जाएगा। कल से संगठन नई ऊर्जा के साथ काम करेगा। खरमास के बाद कई चीजें होंगी जो आपके सामने आएंगी।”

हर साल होता है आयोजन

कांग्रेस की दही-चूड़ा की दावत कोई नई बात नहीं है। पार्टी हर साल मकर संक्रांति पर इसका आयोजन करती है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस कार्यक्रम को सिर्फ त्योहार का जश्न नहीं माना जाता, यह आपसी बातचीत और संगठनात्मक तालमेल का प्रतीक है। कांग्रेस के सीनियर नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा, “हमारी पार्टी हर साल इस कार्यक्रम का आयोजन करती है। हम मकर संक्रांति पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि समाज नफरत से मुक्त रहे। कांग्रेस MNREGA को लेकर एक व्यापक अभियान चला रही है।”

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी एकजुटता दिखाई

दही-चूड़ा भोज के बाद, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने X पर पोस्ट किया, "आपसी सद्भाव और एकता, दही-चूड़ा, गुड़ और तिलकुट के साथ, कांग्रेस परिवार की असली ताकत हैं।" बिहार कांग्रेस के ऑफिशियल X अकाउंट ने भी पोस्ट किया, "भाईचारे की दावत संगठनात्मक एकता और साझा संकल्प का प्रतीक है।" पार्टी की पोस्ट में यह भी बताया गया कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, लेकिन किसी भी विधायक की मौजूदगी का जिक्र नहीं किया गया।

Updated on:
12 Jan 2026 04:42 pm
Published on:
12 Jan 2026 04:41 pm
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