पटना

बिहार: माफिया की जानकारी देने की सजा? थाने के सामने चौकीदार की चाकू मारकर हत्या

Bihar Crime News: नवादा में चौकीदार जितेंद्र पासवान की पुलिस थाने के गेट के ठीक सामने चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि शराब माफिया ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि उन्होंने उनकी अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी थी। 

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May 11, 2026
चौकीदार को अस्पताल लेकर जाते लोग

Bihar Crime News: बिहार के नवादा जिले में अब अपराधी पुलिस थानों की चौखट पर भी खून बहाने से नहीं हिककिचा रहे।पकरीबरावां प्रखंड के धमौल थाना क्षेत्र में सोमवार की रात अपराधियों ने थाने के गेट के ठीक सामने ड्यूटी से घर लौट रहे चौकीदार जितेन्द्र पासवान की चाकू गोदकर हत्या कर दी। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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थाने के सामने ही चाकू से की हत्या

घटना सोमवार रात करीब 8:15 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चौकीदार जितेन्द्र पासवान अपनी ड्यूटी खत्म कर जैसे ही थाना परिसर से बाहर निकले, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने जितेन्द्र के पेट में ताबड़तोड़ चाकू से कई वार किए। इस हमले के बाद अपराधी बड़े आराम से फरार हो गए, जबकि थाना गेट पर ही लहूलुहान होकर चौकीदार तड़पता रहा। घायल को तत्काल पावापुरी स्थिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से उसे PMCH पटना रेफर कर दिया गया। पीएमसीएच में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

शराब माफिया जानकारी देने की सजा

मृतक की पत्नी रेणु देवी ने बताया कि जितेन्द्र पासवान गांव में होने वाली अवैध शराब की बिक्री और माफियाओं की जानकारी पुलिस को देते थे। इसी बात से नाराज होकर तुर्कबन गांव के दबंगों ने उन्हें निशाने पर लिया था। पत्नी ने इस हत्या का आरोप तुर्कवन निवासी आनंदी यादव के पुत्र रामपत कुमार और उसके साथियों पर लगाया है। पत्नी का आरोप है कि पहले भी आरोपियों ने घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी लिखित शिकायत थाने में दी गई थी। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो आज जितेन्द्र जिंदा होते।

गुस्साए ग्रामीणों का बवाल, पुलिस वाहन को बनाया निशाना

जैसे ही चौकीदार की मौत की खबर इलाके में फैली ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने धमौल थाना के सामने जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने थाना परिसर में खड़े पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों का सीधा सवाल है कि जब थाने के गेट पर रक्षक सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी किसके भरोसे रहे?

जांच के लिए SIT गठित, गांव में पुलिस छावनी

नवादा एसपी अभिनव धीमान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे आपसी विवाद का रूप देने की कोशिश की है, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के आरोपों ने माफिया लिंक की पुष्टि की है। वर्तमान में तुर्कबन गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और वरीय अधिकारी कैंप कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि छापेमारी जारी है और जल्द ही मुख्य आरोपी रामपत यादव पुलिस की गिरफ्त में होगा।

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