
NEET पेपर लीक के विरोध में पटना में बुधवार को छात्रों का प्रदर्शन दिनभर उग्र बना रहा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी राजभवन होते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गए। छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद भीड़ के नहीं हटने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। आरोप है कि पुलिस ने घायल छात्रों को भी घसीटते हुए पुलिस वाहनों में बैठाकर थाने पहुंचाया। घटना के बाद लोकभवन और मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को पटना में व्यापक प्रदर्शन हुआ। शाम के समय डाकबंगला चौराहे पर हालात तब और बिगड़ गए, जब लाठीचार्ज से नाराज छात्रों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस पूरे घटनाक्रम में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पटना पुलिस ने शहर के कई प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्र लगातार बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते रहे। पिछले कई घंटों से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव जारी है। आक्रोशित छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इससे कुछ समय के लिए प्रदर्शन शांत हुआ, लेकिन थोड़ी ही देर बाद छात्र दूसरे स्थानों पर एकत्र होकर फिर प्रदर्शन शुरू कर देते थे।
हालात को देखते हुए राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, वहीं बीजेपी और जेडीयू कार्यालयों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई छात्र, पुलिसकर्मी और कुछ पत्रकार घायल हुए हैं। इस दौरान आईजी जितेंद्र राणा भी घायल हो गए।
छात्रों के उग्र प्रदर्शन और शहर में बढ़ते तनाव को देखते हुए डाकबंगला चौराहे पर एसएसबी, सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। इसके साथ ही बिहार विधानसभा परिसर की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। विधानसभा के बाहर और भीतर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। एहतियात के तौर पर विधानमंडल का मुख्य प्रवेश द्वार भी बंद कर दिया गया। वहीं, मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।