
NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया बिहार बंद शुक्रवार को एक बार फिर हिंसक हो गया। राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें सीवान के एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। कुछ स्थानों पर हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज और फायरिंग का भी सहारा लेना पड़ा। अब तक पटना, छपरा, सीवान, भागलपुर, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, बेतिया और लखीसराय समेत आठ जिलों से हिंसक प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। सीवन में तीन छात्रों के पुलिस फायरिंग में जख्मी होने की सूचना है।
पटना में डाकबंगला चौराहा आंदोलन का मुख्य केंद्र बन गया। बिहार बंद के समर्थन और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
इससे पहले छात्र गांधी मैदान से मार्च निकालते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा पहुंच गए। वहां प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने दोबारा पथराव किया, जिसमें एक पुलिस पदाधिकारी घायल हो गए। इस दौरान पुलिस के एक वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
NEET पेपर लीक और बिहार में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया बिहार बंद शनिवार को सीवान में हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की सूचना है, जिसमें सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरन झा घायल हो गए। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। फायरिंग में तीन छात्र के घायल होने की बात सामने आई है। जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल छात्र को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 10 राउंड से अधिक गोलियां चलाईं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। लेकिन इलाके में अब भी तनाव बना हुआ है।
छपरा में सुबह तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, लेकिन दोपहर में अचानक हालात बिगड़ गए। कुछ प्रदर्शनकारी एक सरकारी भवन पर चढ़ गए और वहां लगे पोस्टर फाड़ दिए। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने से शहर का यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसी दौरान एक न्यायिक अधिकारी (जज) का वाहन भी जाम में फंस गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
भागलपुर में भी प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन पर ईंट-पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। वहीं, सीतामढ़ी में प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने एक भाजपा नेता के वाहन पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।