
NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज (शुक्रवार) भी पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों में छात्रों के प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सभी जिलों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। आज बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का भी अंतिम दिन है। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह के उपद्रव पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने बुधवार को छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। सूत्रों के अनुसार, बिहार बंद के दौरान बड़े स्तर पर प्रदर्शन और तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
22 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं। इन पर पुलिस पर पथराव करने, बैरिकेड तोड़ने और उपद्रव मचाने का आरोप है। इनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
बिहार पुलिस के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को विभिन्न जिलों में हुए उग्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में सिर्फ पटना के तीन थानों में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, पटना शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पटना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा, उपद्रव, जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक 57 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 117 प्रदर्शनकारियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने विशेष विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 जुलाई 2026 से राज्यभर के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी।
आइसा ने 22 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। संगठन के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने 22 जुलाई को 'ब्लैक डे' बताते हुए 24 जुलाई को पूरे बिहार में 'प्रतिरोध दिवस' मनाने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लाठीचार्ज में सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं और इसके विरोध में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।