पटना-बेतिया राष्ट्रीय राजमार्ग को 3,822 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन का बनाया जाएगा। इससे पटना और बेतिया के बीच की दूरी आधी हो जाएगी।
बिहारवासियों के लिए एक और बड़ी सौगात सामने आई है। केंद्र सरकार ने साहेबगंज–बेतिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-139W) को चार लेन में बदलने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 3,822.31 करोड़ रुपये है और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। चार लेन बनने के बाद पटना से बेतिया का सफर पहले से आधे समय में पूरा किया जा सकेगा।
यह हाईवे बिहार के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। परियोजना के तहत केसरिया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर और विश्व शांति स्तूप (वैशाली), महावीर मंदिर (पटना) जैसी जगहों तक पहुंच आसान होगी। इससे राज्य के बौद्ध सर्किट और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को मजबूती मिलेगी। पर्यटक और श्रद्धालु देश और विदेश से आसानी से इन स्थलों तक पहुंच सकेंगे।
सड़क की डिजाइन स्पीड 100 किमी/घंटा होगी। यात्री और मालवाहक वाहन औसतन 80 किमी/घंटा की गति से यात्रा कर सकेंगे। इसके कारण पटना से बेतिया का सफर अब आधे समय में पूरा किया जा सकेगा। सड़क चौड़ी होने से दुर्घटना की संभावना भी कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।
इस परियोजना से लगभग 14.22 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष रोजगार और 17.69 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। हाईवे के आसपास औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे व्यापार और छोटे उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी।
परियोजना 1,434 गांवों और लगभग 14.22 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी। साथ ही यह भारत–नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी भी बेहतर बनाएगी, जिससे सीमा व्यापार और ट्रैफिक में भी सुधार होगा। चार लेन बनने से लॉजिस्टिक लागत में कमी, पेट्रोलियम आयात में बचत और CO₂ उत्सर्जन में कमी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सड़क लगभग 24 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन को कम करेगी, जो लगभग 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।