मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई नीतीश कैबिनेट की आखिरी बैठक सिर्फ 15 मिनट चली। इस बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के बाद नीतीश कुमार सीएम आवास चले गए।
Nitish Kumar: बिहार में नई सरकार बनने से पहले नीतीश कुमार के कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में खत्महो गई है। 15 मिनट चली इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों को इस्तीफा देने के अपने फैसले के बारे में बताया। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद प्रस्ताव पास किया, जिस पर सभी मंत्रियों ने एकमत से अपनी मंजूरी दी। इस बैठक में मंत्रिमंडल को भंग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद, नीतीश कुमार 1 अणे मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर लौट आए। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान उन्होंने अपने मंत्रियों से कहा कि भले ही वह अपने पद से हट रहे हैं, लेकिन उनका मार्गदर्शन हमेशा नई सरकार के साथ रहेगा और वह राज्य के विकास में अपना सहयोग जारी रखेंगे।
बैठक से बाहर निकलने के बाद मंत्रियों ने अंदर के माहौल को बेहद भावुक बताया। अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकारी कर्मचारियों से लेकर गठबंधन के नेताओं तक सभी का आभार जताया। बैठक से बाहर आने के बाद कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, 'आज का पल बहुत भावुक था। मुख्यमंत्री ने सभी का आभार जताया। पिछले 20 सालों में उन्होंने बिहार की जनता के लिए जो काम किया है, वह कोई और नहीं कर सकता था। उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय ले लिया है और अब अपना इस्तीफा देने जा रहे हैं।'
बैठक के बाद मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा, 'बिहार के लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भरोसा जताते हुए बधाई दिया है। उन्होंने कहा कि समृद्ध और सशक्त बिहार बनाया है और आगे भी जो सरकार बनेगी उस सरकार में पूरी भूमिका और मार्गदर्शक के रूप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्य करेंगे।'
नीतीश कुमार के इस्तीफा से पहले दोपहर दो बजे एक-अणे मार्ग पर नीतीश कुमार की अध्यक्षता में जदयू विधायक दल की बैठक होगी। वहीं दूसरी ओर भाजपा, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोजपा (रा) और आरएलएम जैसे एनडीए के अन्य घटक दल अलग-अलग बैठक कर अपनी रणनीति तैयार करेंगे। इसके बाद दोपहर तीन बजे का समय सबसे महत्वपूर्ण है, जब नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंपेंगे।
इसके बाद शाम चार बजे NDA विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी, जहां केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में नए नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।