पटना

19 साल बाद बदलेगा नीतीश कुमार का पता! सीएम आवास छोड़ अब यहां रहेंगे सुशासन बाबू; जानें खासियत

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार पटना में कहां रहेंगे? इस बारे में चर्चाएं तेज हैं। वे 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड वाले बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो वे लालू यादव के पड़ोसी हो जाएंगे।

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Mar 09, 2026

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की राजनीति छोड़कर राज्य सभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सभा जाने के लिए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। इस बीच, इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि CM पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार पटना में कहां रहेंगे, क्योंकि उन्हें 1 अणे मार्ग वाला अपना मौजूदा आवास खाली करना होगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि CM पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड वाले सरकारी बंगले में जा सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि अगर ऐसा होता है, तो वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पड़ोसी बन जाएंगे।

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7 सर्कुलर रोड बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार को 7 सर्कुलर रोड वाला बंगला बहुत पसंद है। फिलहाल, इस घर का इस्तेमाल मुख्यमंत्री ऑफिस से जुड़े कामों के लिए किया जा रहा है। बताया जाता है कि इस बंगले का निर्माण भी नीतीश कुमार की देखरेख में कराया गया था। यह बिल्डिंग भूकंप-रोधी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाई गई है और बहुत मजबूत है। बंगले के लॉन में खास तौर पर कोलकाता से मंगाई गई घास है, जो इसे एक खास पहचान देती है।

लालू और राबड़ी पड़ोसी बन सकते हैं

अगर नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में चले जाते हैं, तो वह राबड़ी देवी के वर्तमान घर (10 सर्कुलर रोड) से सिर्फ दो घर दूर होंगे। दोनों बंगलों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी बताई जाती है। दोनों घर सर्कुलर रोड के दक्षिणी हिस्से में हैं। इसलिए, बिहार की राजनीति के दो बड़े पिलर नीतीश कुमार और लालू परिवार करीब-करीब पड़ोसी बन सकते हैं।

दिल्ली में भी सरकारी घर

अगर नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार से दिल्ली में सरकारी बंगला मिलेगा। हालांकि, बिहार में किसी पूर्व मुख्यमंत्री को सरकारी बंगला देने के बारे में कोई साफ नियम नहीं है। पहले ऐसा सिस्टम था, लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। इसके बावजूद, राज्य सरकार चाहे तो उन्हें किराए का सरकारी घर दे सकती है।

पहले भी रह चुके हैं इस बंगले में

नीतीश कुमार के लिए 7 सर्कुलर रोड का यह बंगला सिर्फ ईंट की इमारत नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक जिंदगी का सेंटर भी रहा है। इतिहास गवाह है कि जब भी नीतीश कुमार पर कोई मुश्किल आई या उन्होंने सत्ता छोड़ी, इसी बंगले ने उन्हें फिर से टॉप पर पहुंचाया। 2014 के लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद, नीतीश ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया और कुर्सी जीतन राम मांझी को सौंप दी। फिर वे इसी बंगले नंबर 7 में रहने लगे। इस बंगले में रहते हुए नीतीश और मांझी के बीच खींचतान शुरू हो गई और आखिरकार नीतीश ने यहीं से रणनीति बनाई और मुख्यमंत्री की कुर्सी फिर से हासिल कर ली।

7 नंबर नीतीश कुमार का लकी चार्म

नीतीश कुमार नंबर 7 को अपने लिए जादुई मानते हैं। 1977 में उनकी पॉलिटिकल शुरुआत हुई, 1987 में उन्हें युवा लोक दल की कमान मिली, उनकी कार का नंबर भी 777 है और उनकी सबसे बड़ी योजना '7 निश्चय' है। यानि नीतीश कुमार की जिंदगी की खास बातें इसी नंबर के आस-पास घूमती हैं।

क्यों खास है नीतीश कुमार का ये बंगला?

7 सर्कुलर रोड पर मौजूद इस बंगले को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी पर्सनल देखरेख में रेनोवेट किया गया था। बंगला भूकंप-प्रूफ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इसकी नींव और दीवारों को इस तरह से बनाया गया है कि रिक्टर स्केल पर आने वाले झटके भी इसे नुकसान न पहुंचा सकें।

बंगले में छह VIP बेडरूम, दो बड़े ड्राइंग और मीटिंग हॉल, एक बड़ा डाइनिंग हॉल और एक बड़ा लॉन है। लॉन के बीच में एक छोटा सा तालाब भी है, जहां छठ पूजा के दौरान अर्घ दिया जाता है। बंगले के बड़े लॉन पर घास लोकल नहीं है, इसे खास तौर पर कोलकाता से मंगाकर लगाया गया था। यहां एक शानदार वॉकिंग ट्रैक भी है।

बंगले के आस-पास हरियाली और पेड़ हैं, जो शांत माहौल देते हैं। यहां वॉकिंग ट्रैक, एक अलग गार्डन और अलग गेस्ट रूम हैं। नेताओं और अधिकारियों से मिलने के लिए अलग मीटिंग रूम और प्रेस के लिए एक अलग जगह भी है। बंगले में सिक्योरिटी वालों के लिए बैरक, घरेलू स्टाफ के लिए अलग कमरे और ड्राइवरों के लिए एक अलग लिविंग एरिया है।

इसके अलावा, एक बड़ा हॉल और एक गोल ड्राइंग रूम है जहां जरूरी मीटिंग होती हैं। इसी परिसर के बगल में मुख्यमंत्री का एक गोपनीय कार्यालय भी स्थित है, जिसमें उनके सचिव और निजी सहायकों के कार्यालय मौजूद हैं।

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