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Video: बेटे संतोष सुमन को लेकर भावुक हुए जीतन राम मांझी, बोले- उसने 8 महीने में ही मां को खो दिया, फिर सौतेली मां ने…

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को गया में अपने बेटे और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब संतोष सुमन मात्र आठ महीने के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था।

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Jitan Ram Manjhi

जीतन राम मांझी (फोटो-IANS)

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने बेटे और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन को लेकर भावुक बयान दिया। उन्होंने बताया कि संतोष कुमार सुमन उनकी पहली पत्नी के पुत्र हैं। मांझी ने आगे कहा कि सौतेली मां को लेकर समाज में कई तरह की बातें कही जाती हैं, लेकिन उन्होंने इस स्थिति को संभाला और अपनी पत्नी से कहा कि संतोष की मां का निधन हो चुका है, इसलिए वे उनके लिए सबसे अधिक काम करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज उन्होंने संतोष कुमार सुमन को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बना दिया है। मांझी गया में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) पार्टी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया।

मांझी का भावुक बयान

जीतन राम मांझी जब ये बातें बोल रहे थे, उस समय उनके साथ मंच पर उनके बेटे और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष कुमार सुमन भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ने संतोष कुमार सुमन से जुड़ी पुरानी बातों को साझा करते हुए आगे कहा कि उनके बेटे को उनके छोटे भाई, जो उस समय इंस्पेक्टर थे, ने डॉन बॉस्को स्कूल में पढ़ाया था।

मांझी ने बताया कि जब संतोष कुमार सुमन मात्र आठ महीने के थे, उसी दिन उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद उनके छोटे भाई गोविंद की पत्नी ने उन्हें अपना दूध पिलाकर बड़ा किया। उन्होंने कहा कि संतोष का जीवन उन्हीं लोगों के सहयोग से बना है।

जनसंख्या को लेकर संकीर्ण सोच नहीं होनी चाहिए

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। धीरेन्द्र शास्त्री ने लोगों से चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक बच्चे को आरएसएस को देने की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि जनसंख्या बढ़ाने या बच्चे पैदा करने को लेकर किसी प्रकार की संकीर्ण सोच नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मां के गर्भ से जन्म लेने वाला बच्चा केवल शरीर लेकर ही नहीं, बल्कि हाथ और मस्तिष्क लेकर भी जन्म लेता है। कोई भी यह नहीं जानता कि कौन सा बच्चा आगे चलकर कितना बड़ा व्यक्ति बनेगा। मांझी ने आगे कहा कि यदि हम रोजगार का सृजन करेंगे और ईमानदारी से समाज का संचालन करेंगे, तो सभी का पालन-पोषण सहज रूप से संभव हो सकेगा।