
Bihar Politics मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य सभा जाने से पहले पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को वे अपने पुराने अंदाज में काफी सक्रिय दिखे। बख्तियारपुर दौरे के दौरान एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना की धीमी प्रगति पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा के भीतर काम हर हाल में पूरा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकल रहे हैं। तीन दिनों की इस यात्रा के दौरान वे बिहार के छह जिलों का दौरा करेंगे और विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मधेपुरा में नवनिर्मित पुलिस लाइन का लोकार्पण भी करेंगे।
मुख्यमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान सीमांचल और कोसी क्षेत्र के प्रमुख जिलों मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा के साथ खगड़िया का दौरा करेंगे। 10 मार्च को मुख्यमंत्री सुपौल से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। 11 मार्च को वे किशनगंज और अररिया में ‘प्रगति यात्रा’ के तहत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद 12 मार्च को कटिहार और पूर्णिया में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। यात्रा के अंतिम चरण में 13 मार्च को नीतीश कुमार मधेपुरा से सहरसा और खगड़िया के लिए रवाना होंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करना है और आम लोगों से सीधे संवाद करना।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नामांकन कर दिया है। अपने नामांकन से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश भी साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि जब उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी, तब से उनके मन में यह इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों के सदस्य बनें। उन्होंने लिखा कि इसी इच्छा को पूरा करने के लिए वे इस बार राज्य सभा का चुनाव लड़ रहे हैं और बिहार की नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।