पटना

पटना में छात्रों के साथ धरने पर बैठे पप्पू यादव, बोले- Gen-Z को नक्सली कहने वालों से लड़ेंगे, जरूरत पड़ी तो करेंगे बिहार बंद

पटना में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सांसद पप्पू यादव ने BPSC, BSSC, TRE-4 और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों के समर्थन में एक दिन की भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी और जरूरत पड़ने पर 'बिहार बंद' की भी धमकी दी।
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Aug 16, 2026
pappu yadav at student protest
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (फोटो- Pappu Yadav FB)

Pappu Yadav at student protest: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती नियमों में मनमाने बदलावों के खिलाफ उम्मीदवारों का आंदोलन राजधानी पटना के गर्दनीबाग विरोध स्थल पर तेज हो रहा है। रविवार को पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन करने के लिए विरोध स्थल पर पहुंचे। शहीद भगत सिंह की तस्वीर हाथ में लिए उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।

ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से कराई जा रही भर्ती परीक्षा- पप्पू यादव

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर पद के उम्मीदवार और रिसर्च स्कॉलर अपनी मांगों को लेकर पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन प्रशासन में कोई भी उनकी शिकायतों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाएं ब्लैकलिस्टेड कंपनियों के जरिए कराई जा रही हैं, जिससे परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पूरी तरह खतरे में पड़ गई है। उन्होंने दारोगा भर्ती परीक्षा, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की परीक्षाओं और यहां तक ​​कि लाइब्रेरियन भर्ती प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।

70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग

पप्पू यादव ने 70वीं BPSC परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और योग्य व मेहनती छात्रों को न्याय दिलाने के लिए परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने की मांग की। इसके अलावा, शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में हिंदी-माध्यम के छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रणाली में मनमाने बदलाव युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं।

'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर किया पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सल' शब्द पर नाराजगी जाहिर करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपने जायज अधिकारों और रोजगार के लिए आवाज उठा रही युवा पीढ़ी (Gen-Z और Gen-Alpha) को नक्सली और अपराधी करार देने की कोशिश की जा रही है।

पप्पू यादव ने सवाल किया कि क्या डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, भगत सिंह, सरदार पटेल, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान व्यक्तित्व 'दिमागी नक्सल' थे? उन्होंने कहा कि जो भी नागरिक या छात्र अपनी आजादी और अधिकारों के लिए सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे असामाजिक तत्व करार दे दिया जाता है।

जाति-धर्म की राजनीति अब मंजूर नहीं- पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और देश के युवाओं को जाति और धर्म के आधार पर बांटने वाली राजनीति अब मंजूर नहीं है। आज के युवा आत्मनिर्भरता, अच्छी शिक्षा और रोजगार की निष्पक्ष व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र खैरात या कर्ज नहीं मांग रहे हैं, बल्कि वे अपनी काबिलियत और कड़ी मेहनत से हासिल होने वाले स्वतंत्र भविष्य के अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं।

जरूरत पड़ी तो 'भारत बंद' और 'बिहार बंद' किया जाएगा

छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वे इस संघर्ष में एक सेवक, भाई और अभिभावक के तौर पर छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर छात्रों के खिलाफ पुलिसिया दमन, कानूनी मुकदमों और लाठीचार्ज का सिलसिला नहीं रुका और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन में बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो युवाओं के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा की रक्षा के लिए 'बिहार बंद' और 'भारत बंद' भी किया जाएगा।

Updated on:
16 Aug 2026 05:03 pm
Published on:
16 Aug 2026 04:58 pm